मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, मेटा अधिकारी फिर तलब

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दुर्व्यवहार वाला संशोधित फेसबुक पोस्ट हटाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी है। मेटा ने माना कि भारतीय प्लेटफॉर्म पर अनियंत्रित सुरक्षा से हुई चूक है। साथ ही डीपफेक, डेटा यौन शोषण और जुलाई को मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए वीडियो पोस्ट किया था। घंटे तक पीएम की पोस्ट फेसबुक प्लेटफॉर्म से गायब रही थी।
मेटा अधिकारियों की पेशी और विवाद
सरकारी सूत्रों ने कहा कि मेटा के अधिकारियों को गुरुवार को अगली दौर की पूछताछ के लिए फिर बुलाया गया है। मेटा से बाल यौन शोषण सामग्री असहमत व असहमत रहने पर मेटा अधिकारियों को जवाब देने के लिए फिर पेश होने को कहा है। सामग्री और प्लेटफॉर्म के संचालन में गंभीर गलतियां हुई हैं। मेटा के ग्लोबल अफेयर्स हेड जोएल कपलान ने एक लिखित बयान में कहा कि मोदी की पोस्ट को रोकने वाली गलती के लिए उन्होंने मेटा की ओर से मंत्री से माफी मांगी है।
फेक न्यूज और कंटेंट के नियम
कुछ समय से मेटा प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज, डीपफेक वीडियो और संवेदनशील कंटेंट के फैसले को लेकर विवाद बढ़ रही थी। सरकार लगातार टेक कंपनियों को एल्गोरिदम पारदर्शी बनाने और भारतीय कानूनों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दे रही थी। मेटा कंपनी कब वीडियो हटाती है इसके तहत हिंसा, नफरत फैलाने वाली भाषा, आतंकवाद या उकसावे को समर्थन और किसी व्यक्ति को धमकाने वाला वीडियो शामिल है। सरकार ने मेटा को स्पष्ट लहजे में स्पष्ट किया कि कंपनी को केवल एक मध्यस्थ नहीं माना जा सकता।
जुकरबर्ग द्वारा पहले भी मांगी गई माफी
यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने माफी मांगी हो। वह पहले भी कई बार माफी मांग चुके हैं। जुलाई 2014 में फेसबुक द्वारा सात लाख यूजर्स का साइकोलॉजिकल टेस्ट करने और दिसंबर 2016 में फेक न्यूज के आरोप पर कंपनी ने माफी मांगी थी। इसके अलावा सितंबर 2017 में चुनाव में पार्टियों को फायदा पहुंचाने और मार्च 2018 में कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा डेटा लीक के खुलासे पर भी माफी मांगी गई थी। मेटा खुद यह तय करती है कि कौन सा कंटेंट किस यूजर तक पहुंचेगा, इसलिए एक्ट के प्रति जवाबदेही बनती है।