अडानी रियल्टी के HR पेशेवर युवराज सिंह मांचंडा की हत्या, पुलिस ने वित्तीय विवाद को बताया मुख्य कारण

दिल्ली के सरिता विहार के रहने वाले 31 वर्षीय HR पेशेवर युवराज सिंह मांचंडा की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।अडानी रियल्टी में काम करने वाले युवराज सिंह मांचंडा की हत्या के पीछे वित्तीय विवाद मुख्य कारण निकला है।वह अपनी शादी के लिए लाजपत नगर से शेरवानी खरीदने गए थे और 6 सितंबर 2026 को लापता हो गए थे। गुरुग्राम में एक निर्धारित मीटिंग के बाद उनके वापस न लौटने पर परिवार ने 11 सितंबर 2026 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, युवराज सिंह मांचंडा को उनकी कार के अंदर ही गर्दन में दो गोलियां मारी गईं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस घटना के बाद मृतक के शव को करीब सात घंटे तक कार के अंदर ही रखा गया था। आरोपी अन्या वत्स, जो कि पीड़िता की पूर्व सहकर्मी है, और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा ने शव को नाले में फेंकने से पहले दो दिनों तक गुरुग्राम में कार घुमाई थी। पुलिस ने 10 सितंबर 2026 को शव बरामद किया था।
इस मामले में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब परिवार ने आरोप लगाया कि 14 सितंबर 2026 को अधिकारियों द्वारा शव का अंतिम संस्कार करने के बावजूद उन्हें 16 सितंबर 2026 तक मौत की सूचना नहीं दी गई थी। दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस ने उत्तराखंड के कैंची धाम में आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। एक स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अन्या वत्स का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें सरकारी अधिकारी बनकर रंगदारी वसूलने का धोखाधड़ी का मामला भी शामिल है। पुलिस वित्तीय विवाद की प्रकृति और हत्या से जुड़ी घटनाओं को स्पष्ट करने के लिए पीड़ित के फोन रिकॉर्ड और आरोपियों के साथ उसके संपर्क इतिहास की जांच कर रही है।