चैंपियनशिप और आत्मविश्वास: दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच बने युवराज सिंह ने तय किए लक्ष्य

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह अब एक नई और चुनौतीपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। आईपीएल के आगामी सीजन के लिए युवराज सिंह को दिल्ली कैपिटल्स का असिस्टेंट और बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। अपने पहले औपचारिक कोचिंग असाइनमेंट में युवराज का लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है, जो दबाव में खेलना जानती हो और जिसमें खिताब जीतने का अटूट विश्वास हो।
युवराज सिंह की यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि वे एक बार फिर सौरव गांगुली के साथ काम करेंगे, जो दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हैं। युवराज और गांगुली का रिश्ता दशकों पुराना है। युवराज ने बताया कि जब गांगुली ने उनसे पूछा कि क्या वे उनके असिस्टेंट बनेंगे, तो उन्होंने मजाक में कहा, "मैं पिछले 25 सालों से आपके असिस्टेंट ही रहा हूं, तो शायद मैं वही काम दोबारा करूंगा!" युवराज पिछले तीन-चार साल से खुद को इस भूमिका के लिए तैयार कर रहे थे और अब पूरी टीम के माहौल का हिस्सा बनने के लिए बेहद उत्साहित हैं।
गांगुली से सीखी टीम भावना और आत्मविश्वास का मंत्र
युवराज सिंह का मानना है कि सौरव गांगुली की सबसे बड़ी ताकत एक सकारात्मक टीम माहौल बनाना है। उन्होंने याद किया कि जब उन्होंने गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था, तब दादा ने ही उन्हें यह विश्वास दिलाया था कि भारतीय टीम विदेशी धरती पर टूर्नामेंट जीत सकती है। युवराज के लिए गांगुली हमेशा एक बड़े भाई और मेंटर की तरह रहे हैं, जिन्होंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं।
दो बार के वर्ल्ड कप विजेता युवराज अब अपना अनुभव युवा खिलाड़ियों में उतारना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस स्तर पर हर खिलाड़ी कुशल होता है, लेकिन असली अंतर 'आत्मविश्वास' (Self-belief) से आता है। युवराज का मानना है कि अगर किसी फ्रेंचाइजी ने आपको चुना है, तो इसका मतलब है कि वे आप पर भरोसा करते हैं, और खिलाड़ियों को भी यही विश्वास करना होगा कि वे उस टीम का हिस्सा होने के हकदार हैं।
बैटिंग संसाधनों पर बात करते हुए युवराज ने केएल राहुल की मजबूती और ट्रिस्टन स्टब्स की आक्रामकता की तारीफ की। उन्होंने समीर रिज़वी और आशुतोष शर्मा जैसे हिटर्स का भी जिक्र किया। युवराज का मानना है कि टीम के पास अच्छे विकल्प हैं, बस सही कॉम्बिनेशन और गहराई पर काम करने की जरूरत है ताकि टीम हर विभाग में मजबूत नजर आए।
खिलाड़ी के तौर पर दिल्ली कैपिटल्स के साथ रहे युवराज ने प्लेऑफ में न पहुंच पाने की निराशा को करीब से देखा है। अब कोच के तौर पर वे इस सोच को बदलना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका पहला लक्ष्य क्वालीफाई करना है, लेकिन अंतिम नजर चैंपियनशिप ट्रॉफी पर होगी। उनका मानना है कि टीम में वह काबिलियत है और वे गांगुली के साथ मिलकर उस खोए हुए विश्वास को वापस लाने के लिए तैयार हैं।