दिल्ली की छात्रा युक्ति दहिया ने शुरू किया 'प्रोजेक्ट पाथवेज़', वंचित छात्रों को मिल रहा करियर मार्गदर्शन

अक्सर देखा जाता है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कई छात्र इस उलझन में रहते हैं कि आगे क्या करना है, खासकर वे जो संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली के पुष्प विहार स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा युक्ति दहिया ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने युक्ति दहिया प्रोजेक्ट पाथवेज़ की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग के छात्रों को सही करियर दिशा दिखाना और उन्हें सशक्त बनाना है।
साल 2024 में शुरू हुए इस प्रोग्राम के जरिए युक्ति उन छात्रों की मदद कर रही हैं जिनके पास करियर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह पहल केवल पारंपरिक विकल्पों जैसे डॉक्टर या इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे आधुनिक और उभरते क्षेत्रों के बारे में जागरूक कर रही है।
हजारों छात्रों तक पहुँची मदद और मार्गदर्शन की किरण
प्रोजेक्ट पाथवेज़ ने बहुत कम समय में प्रभावशाली नतीजे दिखाए हैं। 19 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस पहल के मोबाइल काउंसलिंग प्रोग्राम के जरिए 700 से अधिक छात्रों को मेंटरशिप दी जा चुकी है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट द्वारा आयोजित 30 से ज्यादा वर्कशॉप और करियर गाइडेंस कैंप्स के माध्यम से करीब 3,100 छात्र लाभान्वित हुए हैं।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि युक्ति ने छात्रों की क्षमताओं को पहचानने के लिए एक विशेष 'एप्टीट्यूड-बेस्ड असेसमेंट' (योग्यता मूल्यांकन) तैयार किया है। साथ ही, सरकारी स्कूलों के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की सुविधा के लिए यह मार्गदर्शन हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है।
सिर्फ सलाह ही नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट ने छात्रों को असल दुनिया के अवसरों से भी जोड़ा है। अब तक 100 से अधिक छात्रों को इंटर्नशिप, मेंटरशिप प्रोग्राम और स्कॉलरशिप जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से सफलतापूर्वक जोड़ा गया है, ताकि वे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें।