मनी लॉन्ड्रिंग मामला: यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने का कोर्ट का आदेश
दिल्ली की विशेष NIA कोर्ट ने अलगाववादी यासीन मलिक और 6 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल चलाने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली की एक विशेष NIA कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक और उनके 6 अन्य साथियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला पाकिस्तानी establishment से हवाला चैनलों के जरिए विदेशी फंडिंग लेने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिसके आधार पर अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने शुक्रवार को यह आदेश सुनाया और निर्देश दिया कि 19 नवंबर से अभियोजन पक्ष के सबूतों की रिकॉर्डिंग शुरू की जाए। यह सुनवाई बंद कमरे में हुई, जिसमें तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। मलिक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह इस मामले में मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे।
करोड़ों की फंडिंग और हवाला नेटवर्क का खेल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह बात सामने आई है कि इस साजिश के जरिए करीब 8.94 करोड़ रुपये की 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' जेनरेट की गई। आरोप है कि यह पैसा पाकिस्तान उच्चायोग से कैश कूरियर और अन्य जटिल माध्यमों से लिया गया और फिर इसे हुर्रियत नेतृत्व और यासीन मलिक तक पहुँचाया गया। इस रकम का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश विरोधी साजिशों को अंजाम देने के लिए किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यासीन मलिक ने दुनिया भर में फंड जुटाने के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। JKLF के प्रमुख रहे मलिक पर आरोप है कि उन्होंने 'आजादी की लड़ाई' के नाम पर पैसा इकट्ठा किया, जिसका इस्तेमाल हिंसा फैलाने और कश्मीर को भारत से अलग करने की कोशिशों में किया गया।
इस मामले में यासीन मलिक के अलावा ज़हूर अहमद शाह वताली, अब्दुल रशीद शेख, शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भाट और ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) की धारा 3 और 4 के तहत आरोप तय किए गए हैं। इसके साथ ही उन पर UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत भी केस दर्ज है।