दिल्ली में भारी बारिश और हथिनिकुंड बैराज से पानी छोड़ने के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचा

8 अगस्त 2026 को दिल्ली में Yamuna River का जलस्तर बढ़कर लगभग 203.91 से 204.09 मीटर तक पहुंच गया है, जो 204 मीटर के निशान के करीब है। उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और Hathi-Nikund Barrage से पानी छोड़े जाने के कारण यह बढ़ोतरी हुई है। हालांकि जलस्तर 204.50 मीटर के चेतावनी स्तर के करीब है, लेकिन यह 205.33 मीटर (या 205.66 मीटर) के खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
- दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 203.91 से 204.09 मीटर के बीच पहुंचा।
- हथिनिकुंड बैराज से 8 अगस्त को लगभग 13,000 cusecs और 7 अगस्त को 35,674 cusecs पानी छोड़ा गया।
- दिल्ली और NCR (गुरुग्राम और नोएडा) में 7 और 8 अगस्त को भारी बारिश हुई।
- अगस्त के पहले सात दिनों में 127 mm बारिश दर्ज की गई, जो 2011 के बाद से इस अवधि में सबसे अधिक है।
जलस्तर में बढ़ोतरी और बारिश का असर
पिछले 24 घंटों में जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हरियाणा स्थित Hathi-Nikund Barrage ने 8 अगस्त को लगभग 13,000 cusecs पानी छोड़ा, जबकि 7 अगस्त को इससे अधिक 35,674 cusecs पानी डिस्चार्ज किया गया था। दिल्ली और NCR (गुरुग्राम और नोएडा सहित) में 7 और 8 अगस्त को heavy rainfall हुई, जिसके कारण व्यापक जलभराव (waterlogging) और ट्रैफिक जाम की समस्या हुई। शहर में अगस्त के पहले सात दिनों में 127 mm बारिश दर्ज की गई, जो 2011 के बाद इस अवधि की सबसे अधिक बारिश है।
प्रशासन की निगरानी और चेतावनी
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। विशेष रूप से निगमबोध घाट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे निचले इलाकों में स्थिति को लेकर अधिक चिंता है। संभावित बाढ़ के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है, हालांकि सिंचाई विभाग ने फिलहाल तत्काल बाढ़ की स्थिति से इंकार किया है। IMD (Indian Meteorological Department) ने 8 अगस्त को दिल्ली और 14 अन्य राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। जनता को नदी के किनारों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।