यमुना के कालिंदी कुंज में फिर दिखा जहरीला झाग, सरकार के सफाई दावों पर उठे सवाल
सरकार द्वारा 9000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स के दावों के बीच यमुना के कालिंदी कुंज इलाके में फिर दिखा जहरीला सफेद झाग।

देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की हालत एक बार फिर चिंताजनक हो गई है। शुक्रवार की सुबह कालिंदी कुंज इलाके में नदी की सतह पर भारी मात्रा में जहरीला सफेद झाग तैरता हुआ देखा गया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार नदी को पुनर्जीवित करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस जहरीले झाग की तस्वीरें ठीक उसी समय सामने आईं, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की सफाई के लिए शुरू किए गए करीब 9,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को लेकर खुशी जताई थी। गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे दिल्लीवासियों के लिए एक "खुशी का दिन" बताया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले डेढ़ साल में उनकी सरकार ने यमुना के कायाकल्प की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाए हैं और वे दिन-रात इस संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं।
सफाई के लिए करोड़ों का निवेश, फिर भी नदी प्रदूषित
नदी की सफाई को लेकर चल रही इस कवायद में केंद्र सरकार की भी बड़ी भूमिका रही है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के 43 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत करीब 8,941 करोड़ रुपये है। गृह मंत्री ने द्वारका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन प्रोजेक्ट्स को यमुना की सफाई की "रीढ़" बताया था। उन्होंने कहा था कि इन योजनाओं के जरिए अपशिष्ट जल उपचार (वेस्टवाटर ट्रीटमेंट) और पीने के पानी के बुनियादी ढांचे में सुधार किया जाएगा।
अमित शाह ने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के बीच समन्वय से सफाई के लक्ष्य का 40 प्रतिशत हिस्सा बहुत कम समय में पूरा कर लिया गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री परवेश वर्मा के प्रयासों को दिया था। हालांकि, कालिंदी कुंज में तैरता यह जहरीला झाग इस बात की याद दिलाता है कि जमीनी स्तर पर चुनौती अभी भी बहुत बड़ी है और करोड़ों के निवेश के बावजूद नदी का पानी अब भी जहरीला बना हुआ है।