यमुना नदी का कायाकल्प: सीएम रेखा गुप्ता ने 8,941 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का किया आगाज
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को फिर से स्वच्छ और पुनर्जीवित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एक भव्य समारोह के दौरान 8,941 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस पहल को दिल्ली के भविष्य के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यमुना का कायाकल्प करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता रही है, जिसे दिल्ली सरकार एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुनियोजित रणनीति के साथ जमीन पर उतार रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग से सरकार को शहर की समस्याओं को सुलझाने की ऊर्जा मिलती है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और गृह मंत्री के मार्गदर्शन से दिल्ली के विकास की रफ्तार और तेज होगी।
सीवरेज नेटवर्क और ट्रीटमेंट प्लांट पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने करीब 18 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि सरकार ने सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाने पर खास ध्यान दिया है। इस दिशा में उठाए गए मुख्य कदम इस प्रकार हैं:
- नए एसटीपी प्लांट: लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 29 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 170 MGD होगी।
- पुराने प्लांटों का सुधार: मौजूदा एसटीपी प्लांटों के पुनरुद्धार के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- कॉलोनियों में कनेक्शन: 54 अनधिकृत कॉलोनियों के करीब 1.28 लाख लोगों के घरों तक सीवर कनेक्शन पहुंचाए गए हैं, जबकि 276 कॉलोनियों में नेटवर्क बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
- सफाई अभियान: बीते एक साल में लगभग 93 किलोमीटर लंबी ट्रंक सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग और सफाई का काम पूरा किया गया है।
पानी की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि द्वारका में 50 MGD का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू हो चुका है। इसके अलावा चंद्रवल में 105 MGD क्षमता के प्लांट और बवाना में 2 MGD क्षमता के रिसाइकिलिंग प्लांट पर काम चल रहा है।
पानी की सप्लाई बेहतर करने के लिए बिजवासन, पल्ला, सिरासपुर और राजोकरी में नए अंडरग्राउंड रिजर्वोयर्स (UGRs) का निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं संगम विहार, तुगलकाबाद, शाहदरा, चाणक्य प्लेस और जनकपुरी जैसे इलाकों में भी UGRs की मंजूरी मिल चुकी है और काम आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने संकल्प जताया कि इन सभी प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, ताकि यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके।