दिल्ली-एनसीआर में यमुना नदी वार्निंग मार्क के करीब और हिंडन का जलस्तर पार, अधिकारियों ने दी जानकारी

दिल्ली-एनसीआर और ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण यमुना और हिंडन नदियों के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी हुई है। शनिवार रात, 8 अगस्त 2026 को हिंडन नदी अपने वार्निंग लेवल को पार कर गई, जबकि दिल्ली में यमुना नदी अपने वार्निंग मार्क के करीब पहुंच गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का कोई तुरंत खतरा नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।
यमुना और हिंडन का जलस्तर
शनिवार रात, 8 अगस्त 2026 को दिल्ली में पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 204.06 मीटर दर्ज किया गया, जो इसके 204.50 मीटर के वार्निंग लेवल से सिर्फ 44 सेंटीमीटर नीचे है, और कुछ रिपोर्ट्स में इसके 204.09 मीटर तक पहुंचने की बात कही गई है। हाथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण पिछले 24 घंटों में यमुना के जलस्तर में लगभग एक मीटर की बढ़ोतरी हुई है। यमुना का डेंजर मार्क 205.33 मीटर है। इस बीच, नोएडा बेस स्टेशन पर हिंडन नदी 195.76 मीटर के अपने वार्निंग लेवल से आगे निकलकर 195.76 मीटर पर पहुंच गई। गाजियाबाद बैराज पर हिंडन का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया। हिंडन का बढ़ता पानी गाजियाबाद के सिटी फॉरेस्ट पार्क के एक बड़े हिस्से को डुबो चुका है, जिससे एक लोहे का पुल बंद करना पड़ा है और नदी के किनारे रहने वाले लोगों में चिंता है।
अधिकारियों का बयान और निगरानी
दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जलस्तर में यह बढ़ोतरी ऊपर से पानी छोड़े जाने के कारण है और स्थिति "पूरी तरह से नियंत्रण में" है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले सात दिनों में यमुना का जलस्तर बाढ़ के निशान तक नहीं पहुंचेगा और यह लगभग 204.5 मीटर के आसपास रहेगा। प्रोटोकॉल के मुताबिक, जब नदी 205.33 मीटर के अपने डेंजर मार्क पर पहुंचती है, तो बाढ़ संभावित क्षेत्रों को आम तौर पर अलर्ट किया जाता है, और यदि जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच जाता है तो संवेदनशील इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जाता है। दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।