यमुना डीफोमिंग टेंडर में धांधली का आरोप, AAP ने DJB पर लगाया भ्रष्टाचार का दावा

यमुना नदी के कालिंदी कुंज इलाके में झाग हटाने के टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। AAP ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए जवाब मांगा है।

Kittu Kumari24 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना डीफोमिंग टेंडर में धांधली का आरोप, AAP ने DJB पर लगाया भ्रष्टाचार का दावा

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के कालिंदी कुंज इलाके में पानी की सतह पर तैरते जहरीले झाग को हटाने के लिए डीफोमिंग ऑपरेशन शुरू किया जा रहा है। लेकिन इस सफाई अभियान से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) पर टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

AAP दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस पूरी खरीद प्रक्रिया को एक "घोटाला" करार दिया है। उनका दावा है कि जिस कंपनी (ICON Instruments Company) को यह काम मिला है, उसने वित्तीय बोलियां (Financial Bids) खुलने से दो-तीन दिन पहले ही कालिंदी कुंज घाट पर उपकरण और केमिकल कंटेनर लगाना शुरू कर दिया था। गौरतलब है कि वित्तीय बोलियां 21 और 22 अक्टूबर 2026 को खोली जानी थीं।

राजनीतिक घमासान और सफाई का दावा

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सौरभ भारद्वाज ने इस मामले पर जल मंत्री परवेश वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है और पूछा है कि जब टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तो कंपनी ने काम शुरू कैसे कर दिया? दूसरी ओर, दिल्ली जल बोर्ड के प्रवक्ता ने टेंडर में हेरफेर के आरोपों पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि छठ पूजा से पहले प्रदूषण कम करने के लिए 2022 से हर साल डीफोमिंग अभियान चलाए जाते रहे हैं।

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार नदी की सफाई और जल बुनियादी ढांचे पर जोर दे रही है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और 33 अन्य प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी थी। साथ ही, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नदी की सफाई के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है।

हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ अलग नजर आ रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्धारित मानकों के अनुरूप डिस्चार्ज नहीं कर पा रहे हैं, जिससे नदी में प्रदूषण का स्तर बना हुआ है और जहरीला झाग उठ रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment