यमुना सफाई के लिए उतरे 35 हजार लोग, अमित शाह 22 अक्टूबर को करेंगे ₹8,941 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का आगाज

देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए एक विशाल मुहिम 'चलो यमुना' अभियान चलाया गया। रविवार की एक ही सुबह में करीब 35,000 लोगों ने एकजुट होकर यमुना के दोनों किनारों पर स्थित 70 अलग-अलग स्थानों की सफाई की। दिल्ली के जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी कि इस अभियान के जरिए नदी के तटों से लगभग 76,755 किलोग्राम नगर निगम का ठोस कचरा हटाया गया है।
इस सफाई अभियान का दायरा काफी बड़ा था, जिसमें वजीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाजार, आईटीओ, निजामुद्दीन, सराय काले खान और चिल्ला तक के हिस्सों को कवर किया गया। इस मुहिम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी दिखी, जिसमें 20,000 आम नागरिक और आरडब्ल्यूए सदस्य, 10,500 पार्टी कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 एनजीओ स्वयंसेवक शामिल थे। खास बात यह रही कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्र भी इसमें जुटे, जिनमें अकेले देशबंधु कॉलेज से 400 से ज्यादा छात्र शामिल हुए।
मशीनों और विभागों का बड़ा सहारा, बुनियादी ढांचे पर होगा जोर
इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड, दुसिब, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए जैसे 10 से ज्यादा विभागों ने मिलकर काम किया। सफाई के लिए 26 जेसीबी, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 24 नावें, सात वीड हार्वेस्टर और ट्रैश स्किमर्स के साथ 269 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन तैनात की गई थीं। मंत्री ने इस कार्य में जुटे 227 सफाई कर्मचारियों और मशीन ऑपरेटरों का भी आभार व्यक्त किया।
यमुना की लंबी अवधि की बहाली के लिए केवल घाटों की सफाई काफी नहीं है, बल्कि गंदे पानी को नदी में गिरने से रोकना सबसे जरूरी है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लागत 8,941.22 करोड़ रुपये है। इनमें से 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन होगा और 33 नए प्रोजेक्ट्स की नींव रखी जाएगी।
इन प्रमुख परियोजनाओं में ओखला में 1,161 करोड़ रुपये की लागत से नया 124 एमजीडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), आठ एसटीपी का अपग्रेडेशन, बाहरी दिल्ली में 29 विकेंद्रीकृत एसटीपी, 1,034 किलोमीटर का सीवर नेटवर्क और चंद्रावल में 477 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शामिल है।
इसके अलावा, नदी के साथ लोगों का जुड़ाव बढ़ाने के लिए 'बर्थडे विद यमुना' पहल की भी घोषणा की गई है। इसके तहत नदी के किनारों पर झोपड़ियां बनाई जाएंगी, जहां लोग अपना जन्मदिन मना सकेंगे। जल मंत्री ने बताया कि वह खुद 7 नवंबर को अपना जन्मदिन इसी पहल के तहत मनाएंगे और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।