दिल्ली पुलिस के नाम पर X को भेजे गए फर्जी नोटिस, प्लेटफॉर्म ने हाई कोर्ट को दी जानकारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि उसे दिल्ली पुलिस के नाम से फर्जी नोटिस मिले थे, जिन्हें उसने खारिज कर दिया।

Kittu Kumari6 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस के नाम पर X को भेजे गए फर्जी नोटिस, प्लेटफॉर्म ने हाई कोर्ट को दी जानकारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी ने अदालत को बताया कि उसे दिल्ली पुलिस के नाम से कुछ फर्जी 'टेकडाउन नोटिस' मिले थे, जिनमें कुछ अकाउंट्स को ब्लॉक करने और पोस्ट हटाने की मांग की गई थी। हालांकि, X ने अपनी आंतरिक जांच के बाद इन अनुरोधों को खारिज कर दिया क्योंकि वे किसी impostor (बहरूपिए) द्वारा भेजे गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए X ने अब दिल्ली पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जिन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर प्लेटफॉर्म को गुमराह करने की कोशिश की।

RSS मानहानि के नाम पर 37 पोस्ट हटाने का था दबाव

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मिली जानकारी के मुताबिक, ये फर्जी नोटिस 'स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम)' के नाम से भेजे गए थे। इन नोटिसों में दावा किया गया था कि इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF), सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर (SFLC) और GeoBlockedIndia जैसे संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ मानहानि वाला कंटेंट पोस्ट किया है। इसी आधार पर X से महज तीन घंटे के भीतर 37 पोस्ट हटाने और संबंधित अकाउंट्स को ब्लॉक करने की मांग की गई थी।

यह पूरा खेल तब शुरू हुआ जब 29 अक्टूबर को इन संगठनों को RSS की ओर से कथित कानूनी नोटिस मिले। इसके बाद 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को X के पास ये फर्जी 'अवैध कंटेंट रिपोर्ट' पहुंचीं। इस दबाव के बीच, IFF और SFLC ने 5 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

6 नवंबर को जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने X द्वारा पेश किए गए तथ्यों पर गौर किया। जब यह साफ हो गया कि नोटिस फर्जी थे और X ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की है, तो अदालत ने इन याचिकाओं को निस्तारित कर दिया। कोर्ट ने प्रभावित संगठनों को यह छूट दी है कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई होती है, तो वे दोबारा अदालत आ सकते हैं।

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