बृजभूषण शरण सिंह की बरी के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर दिल्ली कोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर नोटिस जारी किया है। यह मामला महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने अपील पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर के लिए तय की है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि पीड़ितों के नाम वाले मूल हलफनामे और आदेश को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए। इसके साथ ही अदालत ने अपीलकर्ता को पीड़ितों के नाम हटाकर याचिका की एक प्रति दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। महिला पहलवानों ने एडिशनल चीफ जुडिशियस मजिस्ट्रेट द्वारा 3 अगस्त को दिए गए बरी करने के फैसले को चुनौती दी है।
महिला पहलवानों की अपील और तर्क
महिला पहलवानों ने अपनी अपील में तर्क दिया है कि बरी करने का यह फैसला कानून के मुताबिक सही नहीं है और रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों का गलत तरीके से आकलन करके दिया गया है। अपील में कहा गया है कि यह आदेश अनुमानों पर आधारित है और इसमें कानून के स्थापित सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है। यह फैसला यौन उत्पीड़न के पीड़ितों के व्यवहार को लेकर पुराने और रूढ़िवादी पूर्वाग्रहों पर आधारित है।
मामला और पिछली कार्रवाई
अडिशनल चीफ जुडिशियस मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी किया था। यह सुनवाई बंद कमरे में हुई थी। दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी, जिन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद 15 जून 2023 को 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह की ओर से वकील राजीव मोहन पेश हुए, जबकि पीड़ितों की तरफ से सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन पेश हुईं। मूल सामग्री ANI से ली गई है।