महिला एवं बाल विकास शिखर सम्मेलन कल से दिल्ली में, पोषण और सुरक्षा पर होगा मंथन

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
महिला एवं बाल विकास शिखर सम्मेलन कल से दिल्ली में, पोषण और सुरक्षा पर होगा मंथन

देश की महिलाओं और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए दिल्ली में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 8 अक्टूबर को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में अपना 'विभागीय शिखर सम्मेलन' शुरू करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र और राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी जुटेंगे, ताकि पोषण, बाल संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर रणनीति तैयार की जा सके।

यह दो दिवसीय सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच का हिस्सा है, जिसके तहत सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूत करने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए विभागीय शिखर सम्मेलनों की एक श्रृंखला की कल्पना की गई है। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य "सुपोषित, सुरक्षित और सशक्त भारत" का निर्माण करना है, जिसे 'विकसित भारत@2047' की नींव माना जा रहा है।

शिखर सम्मेलन के मुख्य एजेंडे और प्राथमिकताएं

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस सम्मेलन के दौरान चार मुख्य विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसमें आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प कर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में सुधार लाना, कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करना, कानूनी और संस्थागत ढांचे के जरिए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के परिणामों को और अधिक प्रभावी बनाना शामिल है।

सम्मेलन के पहले दिन 'टेक-होम राशन' और गर्म पकाए गए भोजन की गुणवत्ता, पोषण ट्रैकर के डेटा में सुधार और प्रारंभिक बचपन देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) पर चर्चा होगी। साथ ही, सोशल मीडिया के प्रभाव से बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी बाधाओं और उनके समाधानों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

दूसरे दिन का पूरा ध्यान महिला सशक्तिकरण की प्रमुख योजनाओं के परिणामों को बेहतर बनाने पर होगा। इस दौरान अलग-अलग राज्य अपने अनुभव और बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे ताकि एक साझा सहमति बन सके।

मंत्रालय के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन से निकलने वाले मुख्य परिणामों और कार्ययोजनाओं को समापन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन केंद्र और राज्यों के लिए एक रोडमैप तैयार करेगा, जिससे तय किए गए लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment