दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन, पीएम मोदी देंगे दिशा

देश में महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली में एक बड़ा मंथन होने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 8 और 9 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन (Departmental Summit) का आयोजन करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई इस समिट सीरीज का यह दूसरा संस्करण है, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाकर 'सहकारी संघवाद' को मजबूत करना है।
इस सम्मेलन का लक्ष्य एक 'सुपोषित, सुरक्षित और सशक्त भारत' का निर्माण करना है, जिसे 'विकसित भारत@2047' की नींव माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारी शिरकत करेंगे, ताकि पोषण, बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ठोस रणनीति तैयार की जा सके।
शिखर सम्मेलन के मुख्य एजेंडे और चर्चा के विषय
दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के स्वरूप को बदलने पर जोर दिया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा मिल सके। साथ ही, डिजिटल युग में बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श होगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनी ढांचों को जमीन पर और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 8 अक्टूबर को टेक-होम राशन और गर्म पकाए गए भोजन की गुणवत्ता, पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) के डेटा की सटीकता और सुरक्षा पहलों के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर सत्र आयोजित होंगे। वहीं, 9 अक्टूबर का पूरा दिन महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं के प्रभाव को अधिकतम करने पर केंद्रित रहेगा।
उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने सम्मेलन की तैयारियों की पुष्टि की है। इस पूरे आयोजन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के साथ होगा, जहां वे विभागीय उद्देश्यों और भविष्य की रणनीतियों के लिए देश को दिशा दिखाएंगे।