जर्मन नागरिकता दिलाने के नाम पर 60 लाख की ठगी, पूर्व नौकरशाह की बेटी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने जर्मन नागरिकता दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 60 लाख रुपये ठग लिए। पकड़ी गई महिला की पहचान पूनम जेज़लर के रूप में हुई है, जो भारतीय मूल की जर्मन नागरिक है। वह स्विट्जरलैंड में अपने पति के साथ रहती है और 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, स्विट्जरलैंड' की अध्यक्ष भी है।
पूनम ने खुद को मध्य प्रदेश के पूर्व कानून सचिव की बेटी बताया था। पुलिस ने उसे 13 अक्टूबर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से तब दबोचा, जब वह देश में दाखिल हुई। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था, जिसकी मदद से उसे पकड़ा गया। वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। बुधवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
ऐसे बुना ठगी का जाल
पुलिस जांच के मुताबिक, पूनम जेज़लर ने प्रान्जल कुमार नामक व्यक्ति के साथ मिलकर एक साजिश रची। उसने प्रान्जल को विश्वास दिलाया कि वह उसे जर्मनी की स्थायी निवासी या वहां की नागरिकता दिलाने में मदद कर सकती है। इस झांसे में आकर प्रान्जल ने पूनम के बैंक खातों में कुल 60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पूनम ने प्रान्जल की मुलाकात रजत अरोड़ा नामक एक व्यक्ति से भी कराई, जिसके बारे में दावा किया गया कि वह जर्मन दूतावास में काम करता है। लेकिन अंत में न तो नागरिकता मिली और न ही पैसे वापस आए। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई क्योंकि वह विदेश में रह रही थी। पुलिस ने मुंबई में उसके बच्चों के पते पर भी तलाश की, लेकिन वहां जानकारी गलत निकली।
अब पुलिस इस मामले में मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था और क्या वास्तव में दूतावास का कोई अधिकारी इसमें मिला हुआ था। इस गिरफ्तारी की सूचना जर्मन दूतावास, एफआरआरओ (FRRO) और विदेश मंत्रालय को भी दे दी गई है।