पश्चिम दिल्ली के 41 वर्षीय निवासी के साथ डेटिंग ऐप के माध्यम से 82.5 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। यह घटना 16 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट पर आधारित है। पीड़ित की मुलाकात डेटिंग प्लेटफॉर्म पर 'लूना' नाम की महिला से हुई थी।
लूना ने खुद को सिंगापुर की नागरिक और बेंगलुरु में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत बताया था। उसने पीड़ित को एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए ऑनलाइन स्टोर में निवेश करने के लिए राजी किया। इसके बाद बातचीत व्हाट्सएप पर शिफ्ट हो गई, जहां पीड़ित को एक ग्रुप चैट में 'बेला' नाम के दूसरे व्यक्ति से मिलवाया गया।
पीड़ित ने 10,000 रुपये के टेस्ट ट्रांसफर से शुरुआत की, जिसके बाद उसे बड़े निवेश के लिए क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के निर्देश मिले।
लगभग 2 लाख रुपये सफलता से निकालने के बाद पीड़ित को यह योजना वैध लगी। इसके बाद अपराधियों ने अपनी मांगें बढ़ा दीं।
पीड़ित को अपना खाता बहाल करने के लिए 25,000 डॉलर यानी लगभग 24 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया। बाद में निकासी के अधिकार प्रतिबंधित होने पर उसे 35,000 डॉलर यानी 34 लाख रुपये का मार्जिन डिपॉजिट देने के लिए मजबूर किया गया।
धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया और उसकी प्रोफ़ाइल का एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।