दिल्ली पुलिस पर फायरिंग करने वाला कुख्यात अपराधी वसीम अकरम मुठभेड़ में घायल, मथुरा में दोबारा गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे कुख्यात अपराधी वसीम अकरम उर्फ 'लम्बू' या 'लाम्बो' को यमुना एक्सप्रेसवे पर मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना बुधवार, 12 अगस्त 2026 की सुबह करीब 12:15 बजे मथुरा के नौझील पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई, जब उसे पश्चिम बंगाल से दिल्ली लाया जा रहा था। इस मुठभेड़ के दौरान वसीम अकरम के पैर में गोली लगी और दिल्ली पुलिस के एक Sub-Inspector भी घायल हो गए।
- वसीम अकरम पर हत्या समेत करीब 119 से 120 मामले दर्ज हैं।
- उसे 10 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम से गिरफ्तार किया गया था।
- मुठभेड़ में एक Sub-Inspector के हाथ में भी गोली लगी है।
कैसे हुई पूरी घटना
वसीम अकरम को दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ, नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीम द्वारा DCP आकांक्षा यादव और Inspector सोमिल शर्मा के नेतृत्व में जहांगीपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक हत्या के मामले में ट्रांजिट रिमांड पर लाया जा रहा था। मथुरा में Mile Stone 63/64 के पास अकरम ने टॉयलेट जाने का अनुरोध किया। इस दौरान उसने Head Constable हरीश (जिन्हें नरसी राम भी कहा गया है) की 9mm सर्विस pistola छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी तथा भागने की कोशिश की।
जवाबी कार्रवाई और रिकवरी
पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की जिसमें अकरम के पैर में गोली लग गई और उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इस गोलीबारी में दिल्ली पुलिस के Sub-Inspector अजय कुमार के हाथ में भी गोली लग गई। अकरम और SI अजय कुमार दोनों को पहले एक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए Mathura District Hospital रेफर कर दिया गया। Deputy Superintendent of Police (Mant) अमरनाथ यादव ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है।
मामला दर्ज
पुलिस ने अकरम के पास से छीनी गई सर्विस pistola, उसकी मैगजीन और सभी कारतूस बरामद कर लिए हैं। उसके खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita और Arms Act की संबंधित धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया गया है।