दिया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान का विरोध, वारिस पठान ने पूछा- यह कैसा 'चुनिंदा गुस्सा'?
AIMIM नेता वारिस पठान ने दिया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान की आलोचना को 'चुनिंदा गुस्सा' और पाखंड बताया है।

मुंबई नगर निगम (BMC) के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान का हिस्सा बनने के बाद अभिनेत्री दिया मिर्जा विवादों में घिर गई हैं। इस मामले में अब AIMIM नेता वारिस पठान ने अपनी एंट्री की है और दिया मिर्जा के खिलाफ हो रही आलोचना को 'चुनिंदा गुस्सा' (selective outrage) और 'पाखंड' करार दिया है। पठान ने सवाल उठाया है कि आखिर पर्यावरण की रक्षा की अपील करने पर इतना विवाद क्यों हो रहा है।
वारिस पठान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवाली के दौरान शोर प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे। कोर्ट ने आदेश दिया था कि गलियों, सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर पटाखे न जलाए जाएं। पठान के मुताबिक, दिया मिर्जा और अन्य हस्तियों ने केवल इसी अदालती निर्देश का समर्थन किया और लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे न चलाने की अपील की ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा हो सके। उन्होंने पूछा कि जब बात पर्यावरण की है, तो इसे धर्म से जोड़कर देखना दोहरा मापदंड क्यों है?
राजनीतिक वार-पलटवार और विवाद की जड़
इस विवाद में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने भी दिया मिर्जा का समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को पर्यावरण की बात करने वालों को टारगेट करने के बजाय महाराष्ट्र में सूखे और बाढ़ जैसी गंभीर समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। पाटिल ने तंज कसा कि एक तरफ लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं और दूसरी तरफ पर्यावरण की बात करने वालों को धर्म पर हमला करने वाला बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दिया मिर्जा की इस भागीदारी की आलोचना की है। अठावले का तर्क है कि पटाखों का उपयोग दिवाली की परंपरा का हिस्सा है और संविधान हर धर्म को अपने त्योहार मनाने की आजादी देता है। उन्होंने कहा कि दिया मिर्जा को राजनीति में पड़ने के बजाय अपने अभिनय पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी धर्म की परंपराओं के खिलाफ ट्वीट नहीं करना चाहिए।
आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब BMC ने एक जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें दिया मिर्जा के साथ माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसे सितारे भी शामिल थे। हालांकि, भाजपा नेताओं और मुंबई मेयर द्वारा विरोध जताए जाने के बाद, BMC ने विवाद से बचने के लिए दिया मिर्जा का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया, जबकि अन्य हस्तियों के संदेश बरकरार रखे गए।