नूंह: मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों के निपटारे की समय सीमा 20 नवंबर तक बढ़ी
नूंह में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए दावे-आपत्तियों के निपटारे की समय सीमा अब 20 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

अगर आप अपनी मतदाता सूची में सुधार या दावे-आपत्तियों को लेकर परेशान थे, तो आपके लिए राहत की खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए दावे-आपत्तियों और नोटिसों के निपटारे की समयसीमा को बढ़ा दिया है। अब इन मामलों का समाधान 20 नवंबर 2026 तक किया जा सकेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त अखिल पिलानी ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि पहले इन सभी कार्यों को पूरा करने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर तय की गई थी। हालांकि, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें और विसंगतियां सामने आईं, जिसके कारण समय सीमा बढ़ाना जरूरी हो गया।
क्यों बढ़ाई गई समय सीमा?
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पिछले गहन पुनरीक्षण की सूची से मिलान करते समय कई विसंगतियां पाई गईं। इस वजह से संबंधित मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। कई मामलों में निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों का निर्णय अभी लंबित था और सुनवाई के लिए जारी नोटिसों का निपटारा भी बाकी था। मतदाताओं को सुविधा देने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व सुचारू बनाने के लिए ही यह फैसला लिया गया है।
अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। अखिल पिलानी ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भूमिका अहम है। विभिन्न दलों ने बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए हैं, जो पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को सुधारने में प्रशासन की मदद करेंगे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों को हर हाल में निपटाया जाए।