विपुल कुमार की मिट्टी की कला प्रदर्शनी ताप और तपिश का आज समापन

Kittu Kumari21 September 20262 min read0 viewsDelhi Local
विपुल कुमार की मिट्टी की कला प्रदर्शनी ताप और तपिश का आज समापन

दिल्ली के बीकानेर हाउस में कलाकार विपुल कुमार की एकल प्रदर्शनी 'ताप और तपिश: रीसेंट वर्क्स बाय विपुल कुमार' का आज 21 सितंबर 2026 को समापन हो रहा है। यह प्रदर्शनी 15 सितंबर को आम जनता के लिए खुली थी और इसका प्राइवेट प्रीव्यू 13 सितंबर को हुआ था। इस प्रदर्शनी में सिरेमिक कलाकृतियों को दिखाया गया है जो कलाकार के पत्थर तराशने से लेकर मिट्टी पर काम करने के सफर को दर्शाती हैं। इसे रेशमा चोर्डिया के 'आर्ट एक्सप्लोर' द्वारा प्रस्तुत किया गया है और अनीता दुबे ने क्यूरेट किया है। यह प्रदर्शनी रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रही।

मिट्टी और भट्टी की कला

'ताप और तपिश' शीर्षक कलाकार की उस सोच को बताता है जहां 'ताप' का मतलब लंबे समय तक अभ्यास का अनुशासन है और 'तापिश' का मतलब भट्टी की गर्मी है। कुमार अपनी इन कलाकृतियों को राजस्थान के जयपुर के पास भैंसलाना गांव में अपने स्टूडियो में पूरी तरह हाथों से बनाते हैं। वह पोर्सिलेन का उपयोग करके बड़े आकार बनाते हैं, जिसमें पतली दीवारों को बनाए रखने के लिए कागज और ग्रॉग मिलाया जाता है। इसके अलावा, भूगर्भीय मजबूती दिखाने के लिए खुरदरी सतहों पर मिनरल ग्लेज़ लगाया जाता है।

कला और उसके गहरे विचार

क्यूरेटर अनीता दुबे ने बताया कि यह काम गीली मिट्टी की कोमलता को पकी हुई हड्डी की ताकत में बदल देता है। 'आर्ट एक्सप्लोर' की निदेशक रेशमा चोर्डिया ने कहा कि कुमार का काम उनकी जड़ों और सामग्री की गहरी समझ को दिखाता है। कलाकार के विषयों में जलवायु चिंता, पर्यावरण के मुद्दे, सामाजिक भ्रष्टाचार, पौराणिक कथाएं और आध्यात्मिक खोज शामिल हैं, जिन पर वाराणसी और सारनाथ में बिताए गए समय तथा कबीर, गांधी और बौद्ध धर्म के विचारों का प्रभाव है।

प्रदर्शनी का प्रबंधन और समापन

फाइन आर्ट लॉजिस्टिक्स कंपनी यूएपीएल (UAPL) ने इस प्रदर्शनी की पैकिंग, लाने-ले जाने और लगाने का काम संभाला था। आज इस आयोजन के बंद होने के साथ, ये कलाकृतियां कुमार की पत्थर की मूर्ति कला की पृष्ठभूमि में बनी अमूर्त और जानी-पहचानी कला के अनोखे मेल को दर्शाती हैं।

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