700 करोड़ के मेडिकल खरीद घोटाले में डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज

Kittu Kumari17 August 20261 min read112 viewsDelhi Local
700 करोड़ के मेडिकल खरीद घोटाले में डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज

दिल्ली की Rouse Avenue Court ने सोमवार को 700 करोड़ रुपये के कथित मेडिकल प्रोक्योरमेंट स्कैम मामले में डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। डॉ. विनोद कुमार रंगा इस मामले में हिरासत में हैं। इस मामले में Directorate General of Health Services (DGHS) से जुड़ा घोटाला शामिल है।

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  • स्पेशल जज विद्या प्रकाश ने खारिज की जमानत याचिका
  • ACB ने दी थी महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने की दलील
  • डॉ. रंगा जून 2026 में गिरफ्तारी के बाद से 54 दिनों से हैं हिरासत में
  • अदालत और एंटी-सप्शन ब्रांच के तर्क

    Special Judge Vidya Prakash ने एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) की दलीलों के बाद डॉ. रंगा की जमानत अर्जी को खारिज किया। ACB ने कोर्ट में तर्क दिया कि Central Procurement Agency (CPA) के पूर्व प्रमुख डॉ. रंगा ने उन अहम फाइलों को अपने पास व्यक्तिगत कस्टडी में रखा था जो अभी भी गायब हैं।

    प्रॉसीक्यूशंस ने आगे बताया कि जमानत देने से चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। इस जांच को Financial Intelligence Unit के हालिया निष्कर्षों से और मजबूती मिली है।

    गिरफ्तारी और अन्य आरोपियों की स्थिति

    Directorate of Vigilance की शिकायत पर कार्रवाई के बाद जून में गिरफ्तारी के बाद से डॉ. रंगा 54 दिनों से हिरासत में हैं। बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट विजय बिश्नोई ने उनकी रिहाई के लिए दलील दी, लेकिन आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए अदालत अपने फैसले पर अडिग रही।

    CPA की अनियमितताओं की जांच अभी भी सक्रिय रूप से जारी है क्योंकि अधिकारी मुख्य साजिशकर्ता और सप्लायर राजीव कुमार रंगीला की तलाश कर रहे हैं। इस मामले में पूर्व DGHS अधिकारी डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा की गिरफ्तारी भी शामिल है। अदालत मंगलवार को डॉ. अग्रवाल की अलग जमानत याचिका पर अपना फैसला सुना सकती है।

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