Viksit Tech 47: भारतीय टेक ब्रांड्स की पहली रिपोर्ट जारी, 2036 तक 2 लाख करोड़ के राजस्व का लक्ष्य

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsNational
Viksit Tech 47: भारतीय टेक ब्रांड्स की पहली रिपोर्ट जारी, 2036 तक 2 लाख करोड़ के राजस्व का लक्ष्य

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दसवें संस्करण में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस आयोजन के फ्लैगशिप प्रोग्राम 'Viksit Tech 47' (VT47) ने अपनी पहली रिपोर्ट "बिल्डिंग इंडियाज ग्लोबल ब्रांड्स इन गैजेट्स, डिवाइसेस, अप्लायंसेज एंड कनेक्टेड कार्स" को सार्वजनिक किया है। यह पहल 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने और देश के घरेलू हार्डवेयर ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Techarc के साथ साझेदारी में तैयार की गई इस रिपोर्ट के आंकड़े काफी दिलचस्प हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्तमान में 129 घरेलू टेक्नोलॉजी ब्रांड्स सक्रिय हैं, जो सालाना 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व पैदा कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि इन ब्रांड्स के सामने स्केलिंग की बड़ी चुनौती है। वर्तमान में केवल 14 ब्रांड ऐसे हैं जिनका राजस्व 500 करोड़ रुपये से अधिक है, और सिर्फ दो ब्रांड ही 2,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर पाए हैं।

भविष्य का रोडमैप और चुनौतियां

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अगर ये कंपनियां 13% की वार्षिक विकास दर बनाए रखती हैं, तो अनुमान है कि वित्त वर्ष 2031 तक इनका कुल राजस्व 1.11 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2036 तक यह बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सीईओ रामकृष्ण पी ने बताया कि इस कार्यक्रम का दीर्घकालिक लक्ष्य 2047 तक ऐसे 50 भारतीय ब्रांड तैयार करना है, जिनमें से प्रत्येक का राजस्व 1 लाख करोड़ डॉलर (लगभग 10.81 बिलियन डॉलर) से अधिक हो।

Techarc के को-फाउंडर और चीफ एनालिस्ट फैसल कावूसा ने जोर देकर कहा कि इस पहल का मकसद घरेलू कंपनियों को केवल असेंबली और ट्रेडिंग से आगे ले जाकर एडवांस प्रोडक्ट इंजीनियरिंग की ओर मोड़ना है। रिपोर्ट में कुछ प्रमुख बाधाओं का भी जिक्र किया गया है, जिनमें घरेलू मूल्यवर्धन (value addition) की कमी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर कम खर्च और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग में मौजूद अंतराल शामिल हैं।

इस अवसर पर VT47 अवार्ड्स के जरिए नवाचार को प्रोत्साहित किया गया। पुरस्कारों को चार श्रेणियों में बांटा गया था: 'विकसित टेक ब्रांड ऑफ द ईयर', 'विकसित टेक लीडर ऑफ द ईयर', 'विकसित टेक इनेबलर ऑफ द ईयर' और स्टार्टअप्स के लिए 'डॉ. एम.जे. ज़राबी इंडिजेनाइजेशन अवार्ड'। इस निर्णायक मंडल में पंकज महिंद्रू, मोहम्मद आसिम वारसी, राजीव मखनी, इरशाद कलीबुल्ला और निमिष दुबे जैसे दिग्गज शामिल थे। कार्यक्रम में मीडियाटेक, लावा इंटरनेशनल और कॉर्निंग टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया, जो भारत के हार्डवेयर इकोसिस्टम को मजबूत करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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