यमुना को बचाने के लिए विजेंद्र गुप्ता ने की अपील, कहा- यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को यमुना नदी की स्वच्छता के लिए एक खास मुहिम में हिस्सा लिया। 'चलो यमुना अभियान' के तहत श्याम घाट-3 के रैंप नंबर 3 पर आयोजित इस सफाई अभियान में उन्होंने स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नदी की सफाई की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यमुना नदी को पुनर्जीवित करना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हम सबकी एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
विजेंद्र गुप्ता ने नदी के ऐतिहासिक महत्व को याद दिलाते हुए कहा कि यमुना ने सदियों से सभ्यताओं को पाला है, खेतों को सींचा है और लाखों लोगों की रोजी-रोटी का सहारा बनी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नदी की सफाई के लिए केवल कभी-कभार चलने वाले अभियान काफी नहीं हैं, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन बनाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, असली सफलता तब मानी जाएगी जब दिल्ली के लोगों के जीवन में एक स्वच्छ और बहती हुई नदी वापस लौटेगी, न कि सिर्फ कचरा हटाने से काम चलेगा।
जनभागीदारी से ही बदलेगी यमुना की सूरत
विधानसभा अध्यक्ष ने एक ऐसा विजन साझा किया जहां यमुना के घाट और किनारे ऐसे सार्वजनिक स्थल बनें, जहां परिवार सुकून से समय बिता सकें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे तब तक इन प्रयासों को जारी रखें जब तक नदी में स्थायी सुधार न दिख जाए। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक राजनीतिक दल या संगठन का काम नहीं है, बल्कि इसमें सरकार, विधानसभा, विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों का तालमेल होना जरूरी है।
उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय निवासियों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs), युवा समूहों और स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर काम करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकारी पहलों और जनता की सक्रिय भागीदारी के मेल से ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ नदी और स्वस्थ वातावरण सौंप पाएंगे।