लोकतंत्र में महिलाएं केवल वोट न दें, बल्कि नेतृत्व भी करें: विजेंद्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने लोकतंत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देश के विकास के लिए अनिवार्य बताया है। सोमवार को विधानसभा में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें सार्वजनिक नेतृत्व, नीति निर्धारण और विधायी बहसों में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए।
इस कार्यक्रम में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कमला नेहरू कॉलेज की छात्राओं ने हिस्सा लिया। विजेंद्र गुप्ता ने छात्राओं से बातचीत करते हुए कहा कि यदि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो युवा महिलाओं की प्रतिभा और उनके नेतृत्व की समान भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत समाज के हर वर्ग की सक्रियता में निहित है।
किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझें युवा
संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने संवैधानिक मूल्यों, विधायी प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की। छात्राओं ने लोकतांत्रिक शासन और विधानसभा की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका अध्यक्ष ने विस्तार से जवाब दिया।
विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक मुद्दों के प्रति जिज्ञासु रहना चाहिए और अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों को भी समझना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे संवाद, तार्किक सोच और संवैधानिक मूल्यों के जरिए जटिल मुद्दों को समझने की क्षमता विकसित करें।
इस दौरे के दौरान छात्राओं ने विधानसभा परिसर का भ्रमण किया और वहां की संसदीय विरासत को करीब से देखा। उन्हें विधानसभा के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने के लिए 'एक शताब्दी यात्रा' नामक कॉफी टेबल बुक भी भेंट की गई, जिसमें विधानसभा के ऐतिहासिक सफर और भारत के संसदीय इतिहास के साथ इसके संबंधों का विवरण दिया गया है।