विजेंद्र गुप्ता ने साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में किया नए ऑडिटोरियम का उद्घाटन, मेजर जनरल बख्शी की किताब का किया विमोचन
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में नए ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया और मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की किताब लॉन्च की।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (SAU) में 'ऑडिटोरियम-2' का उद्घाटन किया। इस खास मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विजेंद्र गुप्ता ने मेजर जनरल (डॉ.) जी.डी. बख्शी द्वारा लिखित किताब 'वेदास: लैंग्वेज ऑफ लाइफ – सेक्रेड साउंड टू डीएनए-आरएनए' का विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, विद्वानों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को केवल एक विरासत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक दृष्टिकोण के साथ इन परंपराओं पर गहन शोध और अध्ययन की जरूरत है। गुप्ता के अनुसार, विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल उपलब्ध जानकारी को प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें ज्ञान के निरंतर पुनर्निर्माण और विकास के केंद्र के रूप में कार्य करना चाहिए।
वेदों और आधुनिक विज्ञान के संगम पर चर्चा
किताब के विमोचन के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने वेदों को भारतीय सभ्यता की अनमोल धरोहर बताया, जिसमें दर्शन, भाषा, कविता, गणित और विज्ञान का अद्भुत समावेश है। उन्होंने बताया कि मेजर जनरल बख्शी की यह पुस्तक वैदिक भाषा और समकालीन वैज्ञानिक अवधारणाओं के बीच के संबंधों को उजागर करती है, जिसमें डीएनए, आरएनए और जैविक विकास जैसे विषयों को वैदिक साहित्य से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर विजेंद्र गुप्ता ने मेजर जनरल बख्शी के 37 साल के सैन्य करियर और 1971 के युद्ध में उनकी सेवाओं की सराहना की। साथ ही, उन्होंने उनके आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्रणवानंद सरस्वती के प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भारत की बौद्धिक परंपराओं को गहराई से समझें और नए शोध व नवाचारों के प्रति खुले रहें।
इस गरिमामयी समारोह में यूनिवर्सिटी के राष्ट्रपति प्रोफेसर के.के. अग्रवाल, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स, मीडिया एंड डिजाइन के डीन प्रोफेसर रमेश चंद्र गौर, इन्फिनिटी फाउंडेशन के संस्थापक राजीव मल्होत्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि सिंह और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।