विजेंद्र गुप्ता ने दिवाली मिलन समारोह में वाल्मीकि समुदाय के योगदान को सराहा
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिवाली मिलन समारोह में वाल्मीकि समुदाय के योगदान को सराहा और सम्मान की बात कही।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रोशनारा रोड स्थित परीक भवन में आयोजित 'सफाई कर्मचारी सम्मान समारोह और दिवाली मिलन समारोह' में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने वाल्मीकि समुदाय द्वारा देश की नैतिक और सांस्कृतिक नींव को मजबूत करने में निभाई गई अहम भूमिका की जमकर तारीफ की। विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस समुदाय ने समाज की सेवा की हो, उसे सम्मान, समानता और गरिमा से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक न्याय पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रामायण ने ही पीढ़ियों को भगवान श्रीराम के जीवन, चरित्र और आदर्शों को समझने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है, जो उनकी साहित्यिक और आध्यात्मिक विरासत की एक बड़ी पहचान है।
गुप्ता ने समाज के कड़वे सच पर चर्चा करते हुए कहा कि वाल्मीकि समुदाय को लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह केवल अतीत की बातें नहीं हैं, बल्कि इन दुखों को आज भी कई पीढ़ियां याद करती हैं। उन्होंने जोर दिया कि स्वतंत्र भारत में संवैधानिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकार तो मिल गए हैं, लेकिन असली सामाजिक प्रगति तभी होगी जब हर नागरिक को उचित सम्मान और गरिमा मिले।
समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार धर्म की अधर्म पर जीत और भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है। न्याय और सद्गुण के इन आदर्शों को समाज के उन वर्गों के प्रति व्यवहार में भी दिखना चाहिए, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रखा गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता जय प्रकाश समेत कई अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।