क्षमादान ही ताकत की सबसे बड़ी परीक्षा है: ईद मिलाद-उन-नबी पर बोले विजेंदर गुप्ता

दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने बुधवार को नई दिल्ली के बड़ा हिंदू राव में ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ताकत की अंतिम परीक्षा सजा देने की क्षमता नहीं, बल्कि बदला लेने की ताकत होने पर भी माफ करने का विकल्प चुनना है। पैगंबर मोहम्मद के जीवन को याद करते हुए गुप्ता ने उनकी विरासत को ईमानदारी, करुणा, धैर्य और क्षमा का शाश्वत संदेश बताया।
पैगंबर साहब के संघर्षों का जिक्र करते हुए गुप्ता ने बताया कि जब उन पर पत्थर फेंके गए और मक्का की विजय के बाद उन्हें बदला लेने का पूरा अधिकार था, तब भी उन्होंने प्रतिशोध की बजाय क्षमा का मार्ग चुना। विधानसभा स्पीकर ने कहा कि पैगंबर की ईमानदारी ऐसी थी कि उनके विरोधी भी अपनी कीमती चीजें उनके पास सुरक्षित रखते थे। उनकी शिक्षाओं के अनुसार समाज को कमजोरों के साथ खड़ा होना चाहिए, असहायों की मदद करनी चाहिए और भूखों को खाना खिलाना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद भोजन करे और उसका पड़ोसी भूखा रहे, तो उसका कर्तव्य पूरा नहीं होता। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर यह आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि इन मूल्यों को दैनिक जीवन में कितना अपनाया गया है। दिल्ली की गंगा-जमुनी संस्कृति की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यहां अजान और प्रार्थना के साथ मंदिर की घंटियां भी गूंजती हैं।
कार्यक्रम में मटियामरो या बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र से विधायक इमरान खान और ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी भी मौजूद थे। इस आयोजन में समाज में आपसी भाईचारे और शांति का संदेश दिया गया।