पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई: केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली पुलिस को घेरा

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश जताया है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर मीडिया कवरेज को दबाने के लिए पत्रकारों को हिरासत में लिया और उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वेणुगोपाल ने लिखा कि जब भी लगता है कि अमित शाह की दिल्ली पुलिस अब इससे नीचे नहीं गिर सकती, वह एक नया स्तर छू लेती है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि समाचार एजेंसियों, मलयालम मीडिया, स्वतंत्र ब्लॉगर्स और यूट्यूबर्स, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, उन्हें निशाना बनाया गया ताकि शासन की असलियत दुनिया के सामने न आ सके।
शहर को 'टॉर्चर चैंबर' बनाने का आरोप
कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने पूरी राजधानी को एक 'टॉर्चर चैंबर' (यातना केंद्र) में बदल दिया है। उनके अनुसार, जो आम नागरिक अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है। वेणुगोपाल ने यह भी दावा किया कि जहां एक तरफ पुलिस प्रदर्शनकारियों पर कहर बरपा रही है, वहीं सत्ता के करीबी समूहों को पुलिस सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों पर हमला करने की पूरी छूट दी गई है।
वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें 'क्रिमिनल-माइंडेड तानाशाह' करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी गिरती साख और 'वोट चोरी' के आरोपों से घबराकर किसी भी हद तक जा रही है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि युवाओं की इच्छाशक्ति को इस तरह की बर्बरता से नहीं दबाया जा सकता और अंततः सत्यग्रह की ही जीत होगी।