गाड़ी कहां पार्क करते हैं आप? पार्किंग लोकेशन से तय होगा आपका इंश्योरेंस प्रीमियम

अगर आपको लगता है कि आपकी कार जब गैरेज में खड़ी होती है तो वह सुरक्षित है और इसका असर सिर्फ आपकी मानसिक शांति पर पड़ता है, तो आप गलत हैं। असल में, आपकी गाड़ी की गाड़ी पार्किंग बीमा प्रीमियम और रिस्क असेसमेंट को गहराई से प्रभावित करती है। बीमा कंपनियां अब इस बात पर बारीकी से नजर रख रही हैं कि वाहन को कहां खड़ा किया गया है, क्योंकि स्थिर खड़ी गाड़ी पर भी चोरी, तोड़फोड़ और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पार्किंग की जगह यह तय करती है कि आपका वाहन कितना जोखिमपूर्ण क्षेत्र में है। अगर आपकी कार किसी प्राइवेट गैरेज या गेटेड कम्युनिटी के कवर पार्किंग में खड़ी है, तो इसे 'लो-रिस्क' यानी कम जोखिम वाला माना जाता है। इसके उलट, सड़क किनारे (स्ट्रीट पार्किंग), खुले सार्वजनिक पार्किंग लॉट या रिहायशी इलाकों के फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों को सबसे अधिक जोखिम वाला माना जाता है। ऐसी जगहों पर हिट-एंड-रन हादसों, ट्रैफिक दुर्घटनाओं और मौसम की मार का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
बीमा नियम और IRDAI के कड़े प्रावधान
हालांकि सुरक्षित पार्किंग से जोखिम कम होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका प्रीमियम अपने आप घट जाएगा। बीमा कंपनियां इसे कई अन्य डेटा पॉइंट्स के साथ जोड़कर देखती हैं। वहीं, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी सभी गाड़ियों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। यदि आपके पास वैध बीमा नहीं है, तो पहली बार गलती करने पर कम से कम 2,000 रुपये का जुर्माना और तीन महीने तक की जेल हो सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि थर्ड-पार्टी पॉलिसी केवल दूसरों को हुए नुकसान की भरपाई करती है। अपनी गाड़ी को आग, चोरी या प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (व्यापक बीमा) लेना जरूरी है।
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) अब इन मानकों को और सख्त बना रहा है। नए वाहनों के लिए तीन साल का अनिवार्य थर्ड-पार्टी लायबिलिटी कवर और इंजन क्षमता के आधार पर स्टैंडर्ड डिडक्टिबल्स (1500cc तक के लिए 1,000 रुपये और उससे ऊपर के लिए 2,000 रुपये) जैसे नियम लागू हैं। इसके अलावा, IRDAI अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को सीधे प्रीमियम से जोड़ने पर विचार कर रहा है। विशेष रूप से दिल्ली NCR में 'ट्रैफिक वायलेशन पॉइंट' (TVP) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जिससे ड्राइविंग और पार्किंग व्यवहार के आधार पर प्रीमियम की कीमतें तय की जा सकेंगी।