जुलाई में महंगी हुई वेज और नॉन-वेज थाली, क्रिसिल रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Kittu Kumari7 August 20262 min read24 viewsNational
जुलाई में महंगी हुई वेज और नॉन-वेज थाली, क्रिसिल रिपोर्ट में हुआ खुलासा

आलू और टमाटर की कीमतें कम होने के बावजूद देश में घर पर बनी शाकाहारी-थाली की लागत जुलाई में चार प्रतिशत और मांसाहारी-थाली की नौ प्रतिशत बढ़ गयी है। यह जानकारी क्रिसिल इंटेलिजेंस के 'रोटी-चावल दर इंडिकेटर' द्वारा शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई है।

  • जुलाई में प्याज, खाद्य तेल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ने से दोनों थालियों की लागत बढ़ी।
  • मांसाहारी थाली पर चिकन की कीमतें बढ़ने का अतिरिक्त असर पड़ा।
  • जून की तुलना में शाकाहारी-थाली की लागत दो प्रतिशत बढ़ी और मांसाहारी-थाली स्थिर रही।
  • प्याज की कीमत एक साल पहले के मुकाबले 20 प्रतिशत तेज हो गयी।

प्याज, खाद्य तेल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ीं

बाजार में ऊंचे दाम वाले रबी के स्टॉक की आवक के बाद जुलाई में प्याज की कीमत एक साल पहले के मुकाबले 20 प्रतिशत तेज हो गयी। क्रिसिल ने कहा कि महाराष्ट्र में मौसम की वजह से फसलों और स्टॉक को हुए नुकसान के कारण आपूर्ति कम हुई है, जिससे प्याज की कीमतें बढ़ीं। प्याज की पैदावार में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति में रुकावट और ऊर्जा की ऊंची लागत की वजह से खाद्य तेल और रसोई गैस की कीमतें भी ऊंची बनी रहीं।

खाद्य तेल और रसोई गैस में तेजी

खाद्य तेल में 11 प्रतिशत और रसोई गैस सिलेंडर में 10 फीसदी की तेजी आयी। रिपोर्ट में इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण आपूर्ति में रुकावट और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में उछाल को बताया गया। सब्जियों की कीमतों में नरमी ने थाली की कुल लागत में बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक थामे रखा। आलू की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 12 प्रतिशत गिरीं, जबकि टमाटर की कीमतें दो प्रतिशत ही गिरीं।

मांसाहारी-थाली पर चिकन की कीमतों का असर

मांसाहारी-थाली के लिए चिकन की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले अनुमानित 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। चूंकि मांसाहारी-थाली की लागत में चिकन का हिस्सा लगभग आधा होता है, इसलिए इस बढ़ोतरी का काफी असर पड़ा। क्रिसिल ने इस बढ़ोतरी का कारण चारे की ऊंची लागत और 'लो-बेस इफेक्ट' को बताया। माह-दर-माह जुलाई में प्याज और आलू की कीमतों में क्रमशः 23 प्रतिशत और चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

क्रिसिल इंडिकेटर की गणना

क्रिसिल का इंडिकेटर घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित कीमतों के आधार पर करता है। यह मासिक बदलाव आम आदमी के खर्च पर पड़ने वाले असर को दिखाता है। आगे चलकर प्याज की कीमत स्थिर रहने की संभावना है, जबकि आलू के दाम थोड़े बढ़ सकते हैं। खाद्य तेलों की कीमतें भी स्थिर रहने की उम्मीद है।

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