वाटिका ग्रुप के प्रमोटर्स को झटका, ED की गिरफ्त में रहेंगे अनिल और गौतम भल्ला

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsNCR
वाटिका ग्रुप के प्रमोटर्स को झटका, ED की गिरफ्त में रहेंगे अनिल और गौतम भल्ला

गुुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को वाटिका ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भल्ला और प्रमोटर गौतम भल्ला की कस्टडी तीन दिन और बढ़ाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला 4 अक्टूबर 2026 को आया, जब उनकी शुरुआती रिमांड खत्म हो गई थी। गौरतलब है कि दोनों को 28 सितंबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था।

स्पेशल जज नरेंद्र सूरा ने यह आदेश देते हुए कहा कि निवेशकों के पैसों के लेन-देन और इस पूरे खेल के तरीके (Modus Operandi) को समझने के लिए आरोपियों से और पूछताछ करना जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध की कमाई कहां गई और इसे कैसे घुमाया गया, इसकी जांच करना ईडी की जिम्मेदारी है। हालांकि, भल्ला परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने रिमांड का विरोध किया और दलील दी कि ये आरोप झूठे हैं और मामला एक दशक पुराने व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा है।

करोड़ों का गबन और शेल कंपनियों का जाल

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से शुरू हुआ, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश की धाराएं लगी हैं। आरोप है कि 2010 से 2012 के बीच 'वाटिका इंडिया नेक्स्ट' और 'वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2' प्रोजेक्ट्स के लिए सात संस्थाओं ने करीब 260 करोड़ रुपये दिए थे।

जांच एजेंसी का दावा है कि कंपनी ने बिना खरीदारों की सहमति के प्रोजेक्ट के नक्शे बदल दिए और उन प्लॉट्स को तीसरे पक्ष को बेच दिया। इस हेराफेरी में पहले प्रोजेक्ट के 140.73 करोड़ रुपये और दूसरे प्रोजेक्ट के सभी प्लॉट्स की डिलीवरी नहीं हुई। ईडी के मुताबिक, प्रोजेक्ट के विकास में पैसा लगाने के बजाय उसे 22 शेल कंपनियों में डायवर्ट किया गया, ताकि गिरवी और गारंटी का प्रबंधन किया जा सके।

जांच एजेंसी ने अब तक अपराध की कमाई का अनुमान 154.36 करोड़ रुपये लगाया है। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने एक मर्सिडीज-बेंज कार, करीब 1.55 करोड़ रुपये के सोने-हीरे के गहने और बैंक खातों में जमा 3.04 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। इसके अलावा, भल्ला परिवार की लंदन स्थित एक आवासीय संपत्ति की भी जांच की जा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment