वसंत कुंज: ग्रीन स्पेस पर शॉपिंग सेंटर बनाने के DDA प्लान के खिलाफ निवासियों का हल्लाबोल

दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में रहने वाले लोग इन दिनों दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के खिलाफ सड़क पर हैं। नर्मदा, सरस्वती, गंगा और यमुना हाउसिंग सोसायटियों के निवासी अपने इलाके के हरे-भरे क्षेत्रों (ग्रीन स्पेस) पर कमर्शियल डेवलपमेंट किए जाने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि जिस जमीन पर DDA नए लोकल शॉपिंग सेंटर (LSC) बनाना चाहता है, वह बच्चों के खेलने और बुजुर्गों की सैर के लिए बेहद जरूरी है।
इस पूरे विवाद की जड़ DDA का वह फैसला है जिसके तहत दो नए शॉपिंग सेंटर बनाने की योजना है। स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के मूल लेआउट में केवल एक शॉपिंग सेंटर का प्रावधान था, लेकिन अब डीडीए इसे बढ़ाकर दो करना चाहता है। नर्मदा-सरस्वती रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के नेतृत्व में लोग मोमबत्ती मार्च निकाल रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, उपराज्यपाल और स्थानीय सांसदों व विधायकों तक पहुँचाई है। निवासियों का तर्क है कि इलाके में पहले से मौजूद शॉपिंग सुविधाएं ही पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो रही हैं, तो फिर नए निर्माण की क्या जरूरत है?
हाई कोर्ट से झटका, फिर भी जारी है विरोध
इस लड़ाई में निवासियों को कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। अगस्त 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने आरडब्ल्यूए द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डीडीए द्वारा पार्किंग सुविधा और कमर्शियल सुविधाओं के लिए जारी टेंडर और आवंटन स्वीकृत प्लानिंग फ्रेमवर्क के अनुरूप हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी खाली जमीन का उपयोग अस्थायी रूप से ओपन जिम या बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में किया जा रहा है, तो इससे निवासियों को उस जमीन पर स्थायी मालिकाना हक या प्लानिंग अधिकार नहीं मिल जाते।
कोर्ट ने यह भी कहा कि बुनियादी ढांचे की पर्याप्तता का मामला शहरी नियोजन विशेषज्ञों का है, न कि न्यायिक निर्धारण का। हालांकि, अदालत के इस फैसले के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। अक्टूबर 2026 तक प्रदर्शन जारी हैं और निवासियों का आरोप है कि डीडीए की यह कार्रवाई दिल्ली मास्टर प्लान और कॉम्प्लेक्स के मूल नक्शे के खिलाफ है। निर्माण कार्य जारी रहने और प्रशासन से संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण अब प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं।