लाल किले से पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम', स्वतंत्रता दिवस पर युवा शक्ति को मिलेगा खास बढ़ावा

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को इस बात की घोषणा की है। रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने नई औपचारिक प्रक्रिया (ceremonial sequence) की पूरी जानकारी दी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन, उपस्थित लोगों के खड़े होने के साथ 'वंदे मातरम' का बजाया जाना, इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराना और राष्ट्रीय गान का बजाया जाना शामिल है (PIB)।
इस साल की थीम "युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047" (Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047) रखी गई है, जो युवा छात्रों और Gen Z के प्रतिनिधित्व में भारी बढ़ोतरी को दर्शाती है। ओलंपिक पदक विजेताओं सहित छात्र achievers को लाल किले की प्राचीर पर बैठाया जाएगा। इसके अलावा, संसद ने हाल ही में 'प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अंडमेंट) बिल, 2026' पास किया है, जो 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। समारोह के लिए आमंत्रण कार्डों में 'वंदे मातरम' के सभी छह छंद (stanzas) शामिल किए जाएंगे ताकि लोग इसमें भाग ले सकें।
यह 80वां स्वतंत्रता दिवस 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ भी है। लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर लगभग 2,500 NCC कैडेट्स और My Bharat वॉलंटियर्स मिलकर 'वंदे मातरम' शब्द बनाएंगे। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) का Mi-17 हेलीकॉप्टर इस गाने की वर्षगांठ का बैनर लेकर उड़ेगा और सभा पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाएगा। इस कार्यक्रम में युवा इनोवेटर्स, उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स, किसानों, कारीगरों, स्वच्छता कर्मियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित लगभग 5,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक परिधानों में 1,500 से अधिक दिल्ली के मेहमान भी शामिल होंगे। 'वंदे मातरम' को श्रद्धांजलि देने के लिए 8 अगस्त 2026 से देश भर में मिलिट्री बैंड की प्रस्तुतियां शुरू हो चुकी हैं जो 15 अगस्त 2026 तक जारी रहेंगी।