फेनेस्टा ओपन टेनिस: वैदेही चौधरी ने जीता तीसरा खिताब, मान केशरवाणी बने नए चैंपियन

नई दिल्ली के डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में खेले गए 31वें फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को हुए फाइनल मुकाबलों में टॉप सीड वैदेही चौधरी और छठी सीड मान केशरवाणी ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर महिला और पुरुष एकल खिताब अपने नाम किए।
महिला एकल के फाइनल में वैदेही चौधरी का सामना 20 वर्षीय श्रुति अहलावत से हुआ। यह मुकाबला काफी कड़ा रहा और करीब दो घंटे 15 मिनट तक चला। वैदेही ने धैर्य बनाए रखा और श्रुति को 6-4, 7-5 से हराकर अपना तीसरा फेनेस्टा ओपन खिताब जीता। अपनी जीत के बाद वैदेही ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही हैं। उन्होंने मैच के बारे में बताया कि श्रुति ने अंत तक कड़ी टक्कर दी, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया था।
मान केशरवाणी की शानदार वापसी और पहली जीत
पुरुष एकल के फाइनल में मान केशरवाणी ने तीसरी सीड नितिन सिन्हा के खिलाफ एकतरफा शुरुआत की। मान ने पहले सेट में एक भी गेम नहीं गंवाया और 6-0 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में मुकाबला थोड़ा करीबी रहा, लेकिन मान ने 3-2 की बढ़त के समय महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया और अंततः 6-0, 6-4 से जीत दर्ज कर अपना पहला फेनेस्टा ओपन खिताब जीता।
भावुक हुए मान केशरवाणी ने कहा कि पिछले चार सालों से वह इस टूर्नामेंट के पहले दौर में ही बाहर हो रहे थे, लेकिन इस बार सीधे फाइनल में पहुंचकर जीत हासिल करना उनके लिए एक सपने जैसा है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के समर्थन को दिया।
इस अवसर पर दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित राजपाल, फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स के कार्यकारी निदेशक साकेत जैन और हॉकी खिलाड़ी जुगराज सिंह मौजूद थे। साकेत जैन ने बताया कि खिलाड़ियों के विकास के लिए इस साल प्राइज मनी के अलावा 11 लाख रुपये की 'प्लेयर डेवलपमेंट स्कॉलरशिप' भी शुरू की गई है, ताकि खिलाड़ी कोचिंग और फिटनेस जैसी सुविधाओं में निवेश कर सकें। वहीं, अंडर-18 लड़कों के एकल खिताब में 16 वर्षीय रिभव सरोहा ने ओम रमेश पटेल को हराकर जीत दर्ज की।