दिल्ली में वी रमेश की 'सेक्रेड स्पेस' प्रदर्शनी: भक्ति और सूफी कला का संगम

कलाकार वी रमेश की 'सेक्रेड स्पेस' प्रदर्शनी ने भक्ति और सूफी परंपराओं के जरिए पवित्रता की नई परिभाषा पेश की। जानें पूरी खबर।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में वी रमेश की 'सेक्रेड स्पेस' प्रदर्शनी: भक्ति और सूफी कला का संगम

राजधानी दिल्ली के कला प्रेमियों के लिए हाल ही में एक बेहद खास अनुभव रहा, जब मशहूर कलाकार वी रमेश की सोलो प्रदर्शनी 'सेक्रेड स्पेस' का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी केवल पेंटिंग्स का संग्रह नहीं थी, बल्कि कलाकार के पिछले चार दशकों के कलात्मक सफर का एक विस्तृत दस्तावेज थी। गैलरी थ्रेशोल्ड और उसकी संस्थापक टंटी चौहान के सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शनी बीकानेर हाउस की सीसीए गैलरी में 9 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चली।

इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत कलाकार के काम में आया बदलाव था। वी रमेश ने अपने शुरुआती करियर में मछुआरों के जीवन को कैनवस पर उतारा था, लेकिन समय के साथ उनकी रुचि भक्ति और सूफी परंपराओं की ओर मुड़ गई। उनकी कलाकृतियों में प्राचीन पांडुलिपियों और भक्ति कविताओं की गहरी छाप दिखाई दी, जो दर्शकों को एक आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती हैं।

कला और प्रदर्शन का अनूठा मेल

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बीकानेर हाउस में आयोजित प्रीव्यू इवेंट ने सबका ध्यान खींचा, जहां नवतेज जोहर ने एक शानदार 30 मिनट का प्रदर्शन किया। इस परफॉर्मेंस में वोकलिस्ट बालचंद्रन राघवन की आवाज ने माहौल को और भी जादुई बना दिया। इस मौके पर एक नया मोनोग्राफ भी जारी किया गया, जो कलाकार की आंतरिक दुनिया और पवित्रता (sacredness) के प्रति उनकी सोच को करीब से दर्शाता है।

वी रमेश का मानना है कि पवित्रता किसी वस्तु में नहीं, बल्कि उसे देखने वाले की दृष्टि और अनुभव में होती है। उन्होंने अपनी कला के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि कैसे रोजमर्रा की साधारण चीजों में भी आध्यात्मिकता खोजी जा सकती है।

बीकानेर हाउस के बाद, इस संग्रह को सर्वोदय एन्क्लेव स्थित गैलरी थ्रेशोल्ड में ले जाया गया, जहां 17 नवंबर तक इसे देखा जा सकता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित कलाकारों और कला प्रेमियों ने शिरकत की और वी रमेश के समर्पण की सराहना की।

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