उत्तराखंड परिवहन निगम ने प्रदूषण संकट के चलते दिल्ली रूट से हटाईं बीएस-4 बसें

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने 19 सितंबर 2026 से दिल्ली रूट पर बीएस-4 बसों का संचालन आधिकारिक तौर पर निलंबित कर दिया है। अब इस रूट पर केवल बीएस-6 और सीएनजी से चलने वाली बसों को ही अनुमति दी गई है। यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की खराब गुणवत्ता के कारण लिया गया है।
कड़े नियमों और सरकारी आदेशों का पालन
यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दिल्ली सरकार के निर्देशों के तहत लिया गया है। यह कदम दिसंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुरूप है जिसमें दिल्ली सरकार को आधुनिक उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की शक्ति दी गई थी। इसके अलावा, जून 2026 में केंद्र सरकार ने 'नया सफर' योजना को मंजूरी दी थी, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बीएस-4 और पुराने भारी वाहनों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहन लाने का निर्देश देती है।
असर और बसों का पुनर्वितरण
इस निलंबन का असर विशेष रूप से उत्तराखंड परिवहन निगम के हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो पर पड़ा है। दिल्ली रूट से कुल छह बीएस-4 बसें हटाई गई हैं, जिनमें हल्द्वानी डिपो की 25 में से 1 बस और काठगोदाम डिपो की 24 में से 5 बसें शामिल हैं। निगम द्वारा अपने पूरे बेड़े को पर्यावरण के अनुकूल मानकों में अपग्रेड करने की योजना के तहत इन वाहनों को अब दूसरे शहरों के रूटों पर भेजा जा रहा है।