SSC परीक्षा घोटाला: उत्तराखंड STF ने दिल्ली से आठवीं गिरफ्तारी की
SSC MTS और हवलदार परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़। उत्तराखंड STF ने दिल्ली से आठवीं गिरफ्तारी की है।

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की MTS और हवलदार ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली करने वाले एक बड़े सिंडिकेट के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान STF ने दिल्ली से अंकित कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।
पकड़ा गया आरोपी अंकित कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का रहने वाला है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, अंकित परीक्षा केंद्र पर बतौर इनविजिलेटर (निरीक्षक) तैनात था। उसका काम सिर्फ निगरानी करना नहीं था, बल्कि वह सीधे तौर पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के संपर्क में था। वह उम्मीदवारों के आईडी कार्ड की जांच करने और केंद्र के भीतर ऐसी स्थितियां बनाने के लिए जिम्मेदार था जिससे गलत गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
हाई-टेक तरीके से सेंधा लगाता था गिरोह
इस पूरे मामले की शुरुआत 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) से हुई थी। STF की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपियों ने परीक्षा केंद्रों के सर्वर रूम या भूमिगत कक्षों में राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सि सर्वर) छिपा रखे थे। इसके जरिए वे बाहर से ही लैपटॉप की मदद से परीक्षा कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस ले लेते थे और उम्मीदवारों के सवालों के जवाब हल करते थे।
गिरोह का तरीका यह था कि वे उम्मीदवारों से उस पद के ग्रेड पे के हिसाब से मोटी रकम की मांग करते थे, जिसके लिए वे आवेदन कर रहे थे। इस मामले में पहले भी नीतीश कुमार और भास्कर नैथानी जैसे लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 5 मई 2026 को गिरोह के मुख्य सरगना को पकड़ा गया था।
गौरतलब है कि पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब कड़े कानून लागू किए हैं और ऐसे मामलों की निगरानी के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया है।