मुखर्जी नगर: रूममेट को दी बम धमाके की धमकी, UPSC छात्र गिरफ्तार
दिल्ली के मुखर्जी नगर में रूममेट को फर्जी बम धमकी देने वाले UPSC छात्र को दिल्ली और यूपी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया।

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक छात्र ने मजाक में ऐसा कदम उठाया कि वह खुद सलाखों के पीछे पहुंच गया। दिल्ली पुलिस ने एक 23 वर्षीय UPSC उम्मीदवार सूरज वर्मा को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने ही पूर्व रूममेट को फोन कर बम धमाकों की झूठी धमकी दी थी। इस एक कॉल ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया और दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर आना पड़ा।
यह पूरी घटना 27 अक्टूबर 2026 की रात की है। सूरज वर्मा उस समय कानपुर में अपनी चाची के घर गया हुआ था। वहीं से उसने अपने पूर्व रूममेट रोहित कुमार, जो दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में रहता है, को एक रिश्तेदार के लैंडलाइन फोन से कॉल किया। खुद को 'जन्नत-ए-फिरदौस' नामक समूह का सदस्य बताते हुए सूरज ने अपनी आवाज बदली और रोहित को डराया कि उसके संगठन ने उसे दिल्ली में बम धमाके करने के लिए चुना है।
मंत्री पिता का हवाला देने पर भड़का आरोपी
हैरानी की बात यह है कि जब रोहित ने खुद को बचाने के लिए यह दावा किया कि उसके पिता उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, तो सूरज इस बात से सहमत नहीं हुआ। उसने फोन पर कुछ आपत्तिजनक राजनीतिक टिप्पणियां कीं और फिर कॉल काट दिया। हालांकि, यह मामला केवल एक मजाक नहीं रहा जब रोहित ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस धमकी भरे कॉल के बारे में स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट किया था। इसके बाद तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) के जरिए कॉल की लोकेशन का पता लगाया गया, जो कानपुर के काकादेव इलाके में एक लैंडलाइन फोन की निकली।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के चलते महज 48 घंटों के भीतर सूरज वर्मा को धर दबोचा गया। नॉर्थवेस्ट दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव ने पुष्टि की कि यह पूरी घटना पूरी तरह से फर्जी (Hoax) थी। पुलिस ने मुखर्जी नगर थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) और 353(2) के तहत सार्वजनिक शरारत का मामला दर्ज किया है।