CJP विरोध प्रदर्शन: दिल्ली बॉर्डर पर यूपी रोडवेज बसों की एंट्री रुकी, यात्री परेशान

दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी होने की वजह से उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों को प्रवेश करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 10 और 11 अक्टूबर 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाए गए एक गैर-अनुमति विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया था। इस दौरान बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और यूपी पुलिस भी तैनात रही, जिससे बसों की चेकिंग बढ़ गई और यात्रियों को लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ा।
इस सुरक्षा व्यवस्था का असर यातायात पर भी पड़ा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 30 प्रमुख चौराहों पर डायवर्जन की चेतावनी जारी की थी। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर पर देखी गई। यात्रियों की परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लखीमपुर खीरी से आने वाली कुछ बसों के यात्रियों को आनंद विहार ले जाने के बजाय गाजीपुर में ही उतार दिया गया।
परिवहन व्यवस्था और नए नियम
हालाँकि, यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) के महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से बस सेवाएं निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए नोएडा और गाजियाबाद में अतिरिक्त बसें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और प्रभावित इलाकों में जाने से बचें।
सुरक्षा कारणों के अलावा, अब प्रदूषण नियंत्रण के कड़े नियम भी बसों की एंट्री को प्रभावित करेंगे। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने आदेश दिया है कि 1 नवंबर 2026 से केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-VI डीजल बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी। इसे जीआरएपी (GRAP) के तहत लागू किया जाएगा और बॉर्डर पर एएनपीआर (ANPR) व आरएफआईडी (RFID) सिस्टम के जरिए निगरानी रखी जाएगी। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 के नियमों के बाद से ही यूपी की बसों को केवल आनंद विहार टर्मिनल तक सीमित कर दिया गया था, जिससे कश्मीरी गेट से चलने वाली करीब 170 बसें प्रभावित हुई थीं।