रोहिणी सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी की चाकू मारकर हत्या, कैदियों में हुआ था खूनी संघर्ष

दिल्ली की रोहिणी सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन कैदी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल के अंदर हुई इस खूनी झड़प में 31 साल के कैदी की जान चली गई। दिल्ली की रोहिणी सेंट्रल जेल नंबर 10 में सोमवार 21 सितंबर 2026 को यह हिंसक झड़प हुई जिसमें एक विचाराधीन कैदी की हत्या कर दी गई। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
मृतक की पहचान प्रदीप उर्फ मोहिंदर के रूप में हुई है जो तुलसी राम का बेटा था। प्रदीप आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद था और जेल की बैरक नंबर 203 में रहता था। अधिकारियों के अनुसार जब वह अपनी बैरक में वापस लौट रहा था तब यह हमला हुआ।
धारदार हथियार से किया गया हमला
अधिकारियों के मुताबिक साथी कैदियों भोला, मुकेश और हरीश ने धारदार हथियार से प्रदीप के गले पर वार किया। हमले के बाद गंभीर रूप से घायल कैदी को तुरंत बीएसए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रदीप को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और तंबाकू विवाद
समयपुर बदली पुलिस स्टेशन के एसएचओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। पुलिस इस मामले में हत्या का औपचारिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है। शुरुआती जांच के अनुसार यह विवाद जेल के अंदर तंबाकू बेचने को लेकर हुए झगड़े के कारण शुरू हुआ था।
सीसीटीवी फुटेज और हथियार की जांच
जांचकर्ता अब हमले की पूरी घटना को समझने के लिए जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कैदियों को यह खतरनाक हथियार कैसे मिला। अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि क्या इस हत्या का संबंध जेल के अंदर के किसी बड़े गैंग से है।