UGC Equity Regulations विवाद पर भारी प्रदर्शन, दिल्ली कूच कर रहे प्रदर्शनकारी बॉर्डर पर रोके गए

UGC (University Grants Commission) की आरक्षण और इक्विटी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग दिल्ली की तरफ मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर ही धरना शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन 20 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए उस बयान के बाद शुरू हुआ है, जिसमें सरकार ने कहा था कि वह उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए बनाई गई 'Equity Regulations, 2026' पर फिर से विचार कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान, UGC की तरफ से पेश हुए Solicitor General Tushar Mehta ने नए नियमों पर औपचारिक जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। सुप्रीम कोर्ट इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें याचिकाकर्ताओं का दावा है कि नियमों के Rule 3(c) में मनमाना और भेदभावपूर्ण प्रावधान शामिल है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ये नियम संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों जैसे समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले लगाए गए अंतरिम रोक के कारण, साल 2012 के नियम अभी भी लागू हैं।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना का महा-आंदोलन
इन घटनाक्रमों के बीच, श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना ने 23 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक 'Maha-Andolan' (महा-आंदोलन) की घोषणा की है। संगठन की मांग है कि UGC reservation policy को पूरी तरह से वापस लिया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में भारत के 22 राज्यों से लोगों के शामिल होने की संभावना है।