दिल्ली: यमुना में जीवितिया स्नान के दौरान डूबीं दो युवतियां, मातम में बदला त्योहार

देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां जीवितिया पर्व के मौके पर पवित्र स्नान करने गई दो 18 साल की युवतियों की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तिमarpur इलाके के वजीरबाद यमुना पुल के पास स्थित सुर घाट पर हुआ। त्योहार की खुशी और आस्था के बीच यह घटना परिवार के लिए एक गहरे सदमे में बदल गई।
मृतकों की पहचान काजल कुमारी और पिंकी कुमारी के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से बिहार की रहने वाली थीं और फिलहाल दिल्ली के जखीरा इलाके में रह रही थीं। पुलिस के मुताबिक, जब दोनों युवतियां घाट पर स्नान कर रही थीं, तब वे अचानक नदी के गहरे पानी में चली गईं और खुद को संभाल नहीं पाईं। देखते ही देखते दोनों पानी की गहराई में समा गईं।
परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और तिमarpur पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद काजल और पिंकी के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। इस हादसे ने परिवार को तोड़कर रख दिया है, खासकर काजल के लिए यह दुख और भी गहरा है क्योंकि अगले महीने उसकी शादी होने वाली थी।
मृतकों के परिजनों ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिंकी के भाई विकास और काजल की मां अंजू देवी का कहना है कि घाट पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। उनका आरोप है कि गहरे पानी वाले हिस्सों में न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही वहां चेतावनी देने वाले बोर्ड लगाए गए थे। साथ ही, घाट पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होना भी इस हादसे की एक बड़ी वजह रही।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह एक दुर्घटना लग रही है और फिलहाल किसी साजिश या गड़बड़ी का संदेह नहीं जताया गया है।