ट्विशा शर्मा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल ट्रायल पर लगाई रोक, केस दिल्ली ट्रांसफर करने पर नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भोपाल सत्र न्यायालय में चल रही ट्रायल की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर सीबीआई (CBI) और आरोपी समर्थ सिंह व गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है।
यह पूरी कानूनी लड़ाई ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की याचिका पर टिकी है। उन्होंने शीर्ष अदालत में गुहार लगाई कि इस केस को दिल्ली स्थानांतरित किया जाए ताकि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई सुनिश्चित हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI), जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची की बेंच ने इस याचिका पर संज्ञान लिया और संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
पूर्व जज सास के प्रभाव का लगाया आरोप
पीड़ित के पिता ने अदालत को बताया कि ट्विशा की सास, गिरिबाला सिंह एक पूर्व जिला जज रही हैं, और उनका प्रभाव काफी ज्यादा है। पिता का डर है कि इस प्रभाव के कारण भोपाल में निष्पक्ष ट्रायल होना मुश्किल हो सकता है।
इस दुखद घटना की पृष्ठभूमि की बात करें तो नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन शादी के करीब पांच महीने बाद ही 12 मई को ट्विशा अपने ससुराल में मृत पाई गईं। उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्विशा को दहेज की मांगों को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
मामले में मोड़ तब आया जब मध्य प्रदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पूर्व अध्यक्ष रही सास गिरिबाला सिंह को सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई थी। हालांकि, राज्य सरकार और ट्विशा के परिवार ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उस अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। अब इस मामले की अगली दिशा सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी।