गुरुग्राम: ट्रंप टावर्स में निवासी का 'हाउस अरेस्ट' का आरोप, पुलिस ने हस्तक्षेप किया
गुरुग्राम के ट्रंप टावर्स में लिफ्ट एक्सेस रोकने पर मचा बवाल, पुलिस ने बिल्डर और निवासी को नोटिस जारी कर बुलाया।

गुरुग्राम के सेक्टर 65 स्थित आलीशान ट्रंप टावर्स में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले वरुण सुहाग ने बिल्डर M3M पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को उनके ही घर में 'नजरबंद' कर दिया गया था। इस विवाद के बाद अब गुरुग्राम पुलिस ने मामले में दखल दिया है और दोनों पक्षों को तलब किया है।
वरुण सुहाग का आरोप है कि 30 अक्टूबर 2026 से बिल्डर ने उनके 36वीं मंजिल पर स्थित अपार्टमेंट का एक्सेस प्रतिबंधित कर दिया था। उनका दावा है कि लिफ्ट के कॉल बटन डीएक्टिवेट कर दिए गए, जिससे उन्हें लिफ्ट बुलाने के लिए हेल्प डेस्क पर निर्भर रहना पड़ा। सुहाग के मुताबिक, लिफ्ट आने में 30 से 40 मिनट का समय लग रहा था। इतना ही नहीं, उनके घर आने वाले मेहमानों, डिलीवरी एजेंटों और जरूरी सेवाओं को भी अंदर आने से रोका गया।
मेंटेनेंस फीस और कब्जे का विवाद
इस पूरे मामले में बिल्डर का पक्ष अलग है। अधिकारियों के अनुसार, बिल्डर ने इस कार्रवाई के पीछे बकाया मेंटेनेंस फीस और परिसर के 'अवैध कब्जे' का हवाला दिया है। हालांकि, बिल्डर के पोस्ट-सेल्स विभाग ने शुरुआत में इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।
स्थानीय हस्तक्षेप के बाद, 1 और 2 नवंबर के बीच तकनीकी टीम ने पहुंचकर लिफ्ट एक्सेस को फिर से बहाल कर दिया। इस बीच, गुरुग्राम पुलिस ने इस पूरे मामले को एक 'सिविल विवाद' करार दिया है। पुलिस ने अब बिल्डर और निवासी दोनों को औपचारिक नोटिस जारी कर सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पेश होने के लिए कहा है, ताकि कब्जे की स्थिति और बकाया राशि जैसे विवादों को सुलझाया जा सके।