नस्लीय टिप्पणी मामला: कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन के खिलाफ FIR की मांग, त्रिपुरा छात्रों ने दिल्ली पुलिस से लगाई गुहार
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम ने कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी और दुर्व्यवहार के लिए दिल्ली पुलिस से FIR की मांग की है।

दिल्ली में रहने वाले त्रिपुरा के छात्रों ने एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर द्वारा की गई कथित नस्लीय टिप्पणी और दुर्व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली (TSFD) ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस के स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (SPUNER) के जॉइंट कमिश्नर को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है। छात्रों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और मामले की गहन जांच हो।
यह पूरा विवाद 20 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि इस वीडियो में कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन ने त्रिपुरा के एक युवक के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि "चिंकी" और "चाइनीज" जैसे नस्लीय शब्दों का इस्तेमाल कर उसका अपमान किया। शिकायत में यौन उत्पीड़न और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
राजनीतिक दिग्गजों ने जताया कड़ा विरोध
इस घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राज्यसभा सांसद जेम्स पी. के. संगमा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को पत्र लिखकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 196 और 352 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने राज्य के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय कर इस मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, सीपीआई(एम) राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी, कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन और टिप्रा मोथा संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने भी आरोपी के व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
हालांकि, विवाद बढ़ता देख आरोपी आमिर शोकीन ने माफी मांगी है, लेकिन छात्र संगठन और यूथ टिप्रा फेडरेशन इस माफी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल माफी काफी नहीं है और जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।