ट्रैवल सेक्टर में हर 9 में से 1 नौकरी, भारतीय छात्रों का यूरोप की ओर बढ़ा रुझान: जुबिन करकारिया
VFS ग्लोबल के CEO जुबिन करकारिया ने बताया कि दुनिया में हर 9 में से एक नौकरी ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में है और भारतीय छात्रों का रुझान यूरोप की ओर बढ़ा है।

दुनियाभर में यात्रा और पर्यटन का क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। VFS ग्लोबल के फाउंडर और CEO जुबिन करकारिया ने ट्रैवल इंडस्ट्री की मजबूती और इसके आर्थिक प्रभाव पर जोर दिया है। राजधानी दिल्ली में आयोजित 'NDTV वर्ल्ड समिट 2026' के दौरान उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर जॉब्स की स्थिति काफी मजबूत है और दुनिया की हर नौ में से एक नौकरी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी क्षेत्र से जुड़ी है।
करकारिया ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र ने समय-समय पर कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। चाहे वह SARS हो, H1N1 हो, कोविड महामारी हो या फिर दुनिया भर में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, यह इंडस्ट्री हर बार मजबूती से उभरकर सामने आई है। उन्होंने वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इस क्षेत्र का योगदान करीब 12 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग यात्रा करना बंद नहीं करेंगे।
यूरोपीय देशों की ओर बढ़ रहे भारतीय छात्र
भारतीय छात्रों के विदेश जाने के ट्रेंड में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जुबिन करकारिया के मुताबिक, अब छात्र केवल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या यूके तक सीमित नहीं हैं। पिछले दो वर्षों में यूरोपीय देशों में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में सालाना 60 से 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया के लिए छात्रों का सबसे बड़ा सोर्स मार्केट बन सकता है।
करकारिया ने यह भी साझा किया कि अब छात्र अपनी पसंद के कोर्स और उसकी सामग्री को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं। वहीं, VFS ग्लोबल की साख पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह एक हाई-सिक्योरिटी बिजनेस है, यही वजह है कि पिछले 20 सालों से दुनिया की कई सरकारें उन पर भरोसा कर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि उनकी कंपनी में हर साल करीब 10,000 आंतरिक और बाहरी ऑडिट किए जाते हैं ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे।