व्यापारियों की राहुल गांधी से अपील: दिवाली की भीड़ और बिजनेस का हवाला देकर रैली स्थगित करने की मांग
दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी से रामलीला मैदान रैली को दिवाली के बाद करने की मांग की है, ताकि व्यापारिक नुकसान से बचा जा सके।

दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी से उनकी प्रस्तावित मेगा रैली की तारीख बदलने की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि रामलीला मैदान में 1 नवंबर, 2026 को होने वाली इस रैली को अब 10 नवंबर के बाद यानी भाई दूज के त्योहार के बाद आयोजित किया जाए। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली और धनतेरस जैसे बड़े त्योहारों के समय ऐसी बड़ी रैली से उनके कारोबार पर गहरा असर पड़ेगा।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने एक पत्र के जरिए बताया कि यह समय दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण बिजनेस पीरियड होता है। उनका अनुमान है कि रैली की वजह से होने वाली सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कम से कम तीन से चार दिनों तक व्यापारिक गतिविधियां बाधित होंगी। इस रुकावट से शहर के व्यापारियों को करीब 10,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
त्योहारी सीजन में करोड़ों का कारोबार दांव पर
व्यापारियों ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल धनतेरस के दिन ही दिल्ली के बाजारों में सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। ये बाजार दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। CTI ने यह भी चिंता जताई कि अक्टूबर में ही कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के इलाकों में हुए विरोध प्रदर्शनों और सड़क जाम की वजह से व्यापारियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहले ही हो चुका है।
पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि रामलीला मैदान के आसपास स्थित 20 से ज्यादा बड़े थोक और खुदरा बाजार इस रैली से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। चूंकि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 10 नवंबर को भाई दूज है, इसलिए ग्राहक त्योहार से एक हफ्ते पहले ही खरीदारी तेज कर देते हैं। ऐसे में इस समय रैली का आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है।