यमुना में फिर लौटा जहरीला सफेद झाग, LG संधू ने प्रदूषण संकट पर जताई गहरी चिंता
दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में फिर से जहरीला सफेद झाग देखा गया है। LG तरुणजीत सिंह संधू ने प्रदूषण के गंभीर संकट पर चिंता जताई है।

राजधानी दिल्ली की जीवनदायिनी कही जाने वाली यमुना नदी एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालिंदी कुंज बैराज के पास नदी की सतह पर जहरीले सफेद झाग की मोटी परतें दोबारा दिखाई दी हैं। यह नजारा बेहद डराने वाला है और एक बार फिर नदी की बदहाली को बयां कर रहा है। गौरतलब है कि इसी जगह पर अक्टूबर महीने में भी दो बार (23 और 30 तारीख को) ऐसा ही मंजर देखा गया था, जिससे साफ है कि समस्या गंभीर होती जा रही है।
प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर पर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरुणजीत सिंह संधू ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि यमुना नदी की कुल लंबाई का 2% से भी कम हिस्सा दिल्ली में है, लेकिन नदी के कुल प्रदूषण भार का लगभग 76% अकेले इसी हिस्से से आता है। यह आंकड़ा बताता है कि दिल्ली का प्रदूषण स्तर कितना भयावह है।
क्यों बनता है नदी में यह जहरीला झाग?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह झाग मुख्य रूप से डिटर्जेंट और बिना ट्रीट किए गए सीवेज के पानी में मौजूद प्रदूषकों की वजह से बनता है। सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण हवा के बुलबुले स्थिर हो जाते हैं और बैराज के पास पानी की हलचल इन सर्फेक्टेंट्स को इकट्ठा कर देती है, जिससे नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत जम जाती है।
इस संकट से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड फिलहाल सफाई अभियान चला रहा है। अक्सर छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों से पहले नदी के किनारों को साफ करने के लिए केमिकल डी-फोमिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से पूजा कर सकें।
LG संधू ने आम जनता और छात्रों से इस संकट को दूर करने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि लोग अपनी आदतों में बदलाव लाएं और प्लास्टिक कचरे या पूजा सामग्री को नदी में न फेंकें, ताकि यमुना को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में मदद मिल सके। फिलहाल सतह की सफाई जारी है, लेकिन औद्योगिक कचरे और सीवेज को रोकने के लिए किसी नए बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा अभी नहीं की गई है।