कालिंदी कुंज में यमुना की सतह पर फिर दिखा जहरीला झाग, दावों की खुली पोल
दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी की सतह पर फिर जहरीला सफेद झाग देखा गया, जबकि सरकार नदी की सफाई के लिए करोड़ों खर्च कर रही है।

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की हालत एक बार फिर चिंताजनक हो गई है। शनिवार सुबह कालिंदी कुंज इलाके में नदी की सतह पर भारी मात्रा में जहरीला सफेद झाग तैरता हुआ देखा गया। यह नजारा बेहद डराने वाला था, जहां नदी का पानी पूरी तरह से झाग की एक मोटी परत से ढका हुआ नजर आया। हैरान करने वाली बात यह है कि इससे ठीक एक दिन पहले, यानी 23 अक्टूबर को भी इसी जगह पर ऐसा ही जहरीला झाग देखा गया था।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार यमुना की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना के कायाकल्प के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के उद्घाटन को दिल्लीवासियों के लिए एक "खुशी का दिन" बताया था। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछले डेढ़ साल में सरकार ने नदी की सफाई की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाए हैं और उनका संकल्प है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ और अविरल बनाया जाएगा।
करोड़ों के प्रोजेक्ट्स के बीच नदी की बदहाली
यमुना की सफाई के लिए केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र भी सक्रिय नजर आया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने द्वारका में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था, जिनकी कुल लागत 8,941 करोड़ रुपये है। अमित शाह ने इन प्रोजेक्ट्स को यमुना की सफाई की "रीढ़ की हड्डी" करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि अपशिष्ट जल उपचार और पीने के पानी के बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए नदी को शुद्ध किया जाएगा।
गृह मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के पहले महीने में ही दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के साथ बैठक कर यमुना की सफाई का विजन तैयार किया था। उनके अनुसार, इस लक्ष्य की ओर 40 प्रतिशत से अधिक का सफर तय किया जा चुका है। लेकिन कालिंदी कुंज में तैरता यह जहरीला झाग सरकार के इन तमाम दावों और भारी-भरकम निवेश पर गंभीर सवाल खड़े करता है।